लखनऊ। नशीली कफ सिरप और दवाओं की अंतरराष्ट्रीय तस्करी के मामले ने यूपी की सियासत में हलचल मचा दी है। जौनपुर के पूर्व सांसद धनंजय सिंह के करीबी माने जाने वाले अमित सिंह टाटा की गिरफ्तारी के बाद जहाँ धनंजय सिंह ने मामले की सीबीआई जांच की मांग उठाई, वहीं अब समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस पर तीखा तंज कस दिया है। शनिवार को लखनऊ स्थित सपा कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने प्रदेश सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कई सवाल खड़े किए।
“ये जमाना सीबीआई का नहीं, बुलडोज़र का है” — अखिलेश का तंज
अखिलेश यादव ने कहा कि धनंजय सिंह की सीबीआई जांच की मांग पर सरकार को जवाब देना चाहिए, लेकिन यह दौर सीबीआई का नहीं, बुलडोजर का है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए पूछा—“बुलडोज़र कहां है? बुलडोज़र कब चलेगा?”
दुबई भागने पर निशाना
अखिलेश ने कहा कि यह पहला मामला नहीं है जब कोई आरोपी दुबई भागा हो। उन्होंने तंज करते हुए कहा कि लखनऊ में मुख्यमंत्री कार्यालय के पास बैठकर भूमाफिया का काम करने वाले का पार्टनर भी दुबई भाग चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी बंगले का पता कंपनी के एड्रेस के रूप में इस्तेमाल किया गया—“फिर बुलडोज़र कहां रुक गया?”
‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया’ पर तीखी टिप्पणी
अखिलेश यादव ने बीजेपी के पहले के दावे पर हमला बोलते हुए कहा, “2017 से पहले कहते थे हर जिले में एक माफिया होता था… अब तो सिर्फ जौनपुर बचा है और उसका माफिया नंबर-1 है।”
उन्होंने कहा कि 2000 से पहले की मैगज़ीन उठा लो, असली माफिया कौन थे, सब स्पष्ट हो जाएगा। अखिलेश ने तंज करते हुए कहा कि अभी तो एक जिला सामने आया है, बाकी जिलों की लिस्ट भी आएगी।
“2027 तक हर हफ्ते एक नया माफिया”
अखिलेश ने कहा कि चुनाव में अभी 410 दिन बचे हैं और हर हफ्ते एक नया जिला और एक नया माफिया चर्चा में आएगा। उन्होंने कहा कि बीजेपी नेताओं की भाषणबाज़ी माफिया शब्द बोले बिना पूरी नहीं होती।
वाराणसी से फरार होने पर भी सवाल
अखिलेश यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से कोई आरोपी भाग जाए, यह बेहद गंभीर मामला है। उन्होंने इसे राज्य सरकार की नाकामी बताया।
धनंजय सिंह ने क्या कहा था?
कुछ दिन पहले पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा था कि यह अंतरराष्ट्रीय रैकेट बच्चों की ज़िंदगी से खिलवाड़ कर रहा है और इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। उन्होंने पीएम और सीएम से सीबीआई जांच कराने की मांग की थी, ताकि सत्य सामने आ सके और राजनीति में फैल रही झूठी खबरों पर रोक लगे।
कुल मिलाकर, कफ सिरप तस्करी मामला अब कानून से आगे बढ़कर पूर्ण राजनीतिक टकराव का केंद्र बन गया है।
