देहरादून/उत्तराखंड: उत्तराखंड के युवा और तेज़ी से उभरते साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ आकाश बडोला की कंपनी साइबरस्काई सिक्योरिटी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। विश्व की प्रतिष्ठित साइबर सुरक्षा एवं एंटीवायरस कंपनी ESET (ईएसईटी) ने साइबरस्काई सिक्योरिटी को एक अत्याधुनिक और जटिल कॉम्प्लेक्स हाइब्रिड क्लाउड सिक्योरिटी प्रोजेक्ट के लिए आधिकारिक प्रोजेक्ट प्रपोजल प्रदान किया है।
यह परियोजना मार्च 2026 से शुरू होने जा रही है और इसे एकल नेतृत्व वाली कंपनी के लिए बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
खास बात यह है कि साइबरस्काई सिक्योरिटी एक वन-पर्सन कंपनी है, जिसे स्वयं आकाश बडोला संचालित करते हैं। ऐसे में ESET द्वारा इतने बड़े और जटिल प्रोजेक्ट के लिए प्रस्ताव देना तकनीकी दक्षता और व्यक्तिगत विशेषज्ञता पर जताए गए भरोसे को दर्शाता है।
पहले छोटे स्तर पर सहयोग, अब बड़ी जिम्मेदारी
जानकारी के अनुसार, आकाश बडोला ने इससे पहले ESET के साथ छोटे स्तर पर तकनीकी कार्य किया था। वह सहयोग सीमित दायरे में था, जिसमें विशिष्ट सुरक्षा मॉड्यूल और रिसर्च आधारित इनपुट शामिल थे। उस प्रारंभिक कार्य के अनुभव के बाद अब ESET ने एक बड़े और व्यापक प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी साइबरस्काई सिक्योरिटी को सौंपने का निर्णय लिया है।
सूत्र बताते हैं कि इस प्रोजेक्ट के माध्यम से ESET न केवल हाइब्रिड क्लाउड सिक्योरिटी फ्रेमवर्क को मजबूत करना चाहती है, बल्कि आकाश बडोला की कार्यक्षमता, रणनीतिक सोच, जटिल साइबर आर्किटेक्चर को अकेले संभालने की क्षमता और निष्पादन कौशल को भी करीब से परखना चाहती है।
प्रोजेक्ट का दायरा
यह परियोजना आधुनिक हाइब्रिड क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा से जुड़ी है, जिसमें ऑन-प्रिमाइसेस सर्वर, प्राइवेट क्लाउड और पब्लिक क्लाउड के बीच सुरक्षित इंटीग्रेशन सुनिश्चित करना शामिल होगा।
संभावित तकनीकी फोकस क्षेत्रों में शामिल हैं:
- जीरो-ट्रस्ट सिक्योरिटी मॉडल का इम्प्लीमेंटेशन
• एआई आधारित थ्रेट डिटेक्शन और रियल-टाइम रिस्पॉन्स सिस्टम
• एडवांस्ड एन्क्रिप्शन और डेटा प्रोटेक्शन प्रोटोकॉल
• क्लाउड वर्कलोड सिक्योरिटी और एंडपॉइंट इंटीग्रेशन
• रैनसमवेयर और एडवांस्ड परसिस्टेंट थ्रेट (APT) से सुरक्षा रणनीतियाँ
हाइब्रिड क्लाउड मॉडल संगठनों को लचीलापन और स्केलेबिलिटी प्रदान करता है, लेकिन इसके साथ साइबर खतरों की जटिलता भी बढ़ जाती है। ऐसे में इस प्रोजेक्ट को तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है—खासतौर पर तब, जब इसे एक वन-पर्सन साइबर सिक्योरिटी फर्म द्वारा लीड किया जा रहा हो।
आकाश बडोला की प्रतिक्रिया
आकाश बडोला ने इसे अपने करियर का महत्वपूर्ण चरण बताया। उन्होंने कहा:
“पहले हमने ESET के साथ छोटे स्तर पर कार्य किया था, लेकिन इस बार जिम्मेदारी कहीं बड़ी है। एक वन-पर्सन कंपनी होने के बावजूद हमें यह अवसर मिलना मेरे लिए गर्व और चुनौती दोनों है। मैं इसे अपनी क्षमता साबित करने के अवसर के रूप में देखता हूँ।”
उन्होंने आगे कहा कि आज के समय में विशेषज्ञता और नवाचार का महत्व टीम के आकार से अधिक होता है, और यदि रणनीति स्पष्ट हो तो बड़े प्रोजेक्ट भी प्रभावी ढंग से संभाले जा सकते हैं।
उत्तराखंड के लिए प्रेरणा
यह उपलब्धि उत्तराखंड के युवाओं और टेक प्रोफेशनल्स के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकती है। जहां बड़ी-बड़ी बहुराष्ट्रीय कंपनियों के पास विशाल टीमें होती हैं, वहीं एक व्यक्ति द्वारा संचालित कंपनी को इस स्तर का प्रस्ताव मिलना अपने आप में उल्लेखनीय है।
मार्च 2026 से शुरू होने वाले इस प्रोजेक्ट पर टेक इंडस्ट्री की नजरें रहेंगी। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि साइबरस्काई सिक्योरिटी इस बड़े अवसर को किस प्रकार सफलता में बदलती है और क्या यह सहयोग भविष्य में और भी बड़े वैश्विक प्रोजेक्ट्स का मार्ग प्रशस्त करेगा।
