Agra News: सीनियर सिटिजन कार्ड बनाने के नाम पर साइबर शातिरों ने सेवानिवृत्त कर्मचारी के खाते से उड़ाए 7.35 लाख रुपये, पुलिस जांच में जुटी

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आगरा। ट्रांस यमुना कॉलोनी के एक सेवानिवृत्त कर्मचारी के साथ साइबर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। अज्ञात साइबर अपराधियों ने सीनियर सिटिजन कार्ड बनवाने के नाम पर धोखाधड़ी करते हुए पीड़ित के खाते से 7 लाख 35 हजार रुपये उड़ा लिए।

घटना की जानकारी तब हुई जब पीड़ित को बैंक से दो बड़े ट्रांजेक्शन के मैसेज प्राप्त हुए। पीड़ित ने तुरंत बैंक और पुलिस से संपर्क किया, लेकिन तब तक रकम उनके खाते से निकल चुकी थी।

ऐसे हुई ठगी की वारदात

बी-920 ट्रांस यमुना कॉलोनी निवासी विपिन चंद्र, जो दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम से सेवानिवृत्त हैं, ने बताया कि 6 नवंबर को उनके मोबाइल पर किसी व्यक्ति का फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को सरकारी एजेंसी का कर्मचारी बताते हुए कहा कि “आपका सीनियर सिटिजन कार्ड बनना है, कृपया आधार और पैन कार्ड की कॉपी भेज दें।”

विपिन चंद्र ने भरोसा कर दोनों दस्तावेज भेज दिए। अगले दिन फिर उसी व्यक्ति का फोन आया और उसने दोबारा आधार-पैन मांगा। कुछ ही देर बाद पंजाब नेशनल बैंक, रामबाग शाखा से दो मैसेज आए— पहला ट्रांजेक्शन ₹4,99,999 का और दूसरा ₹2,35,000 का। कुल मिलाकर ₹7,35,000 रुपये खाते से निकल गए।

पीड़ित ने नहीं की कोई ऑनलाइन क्लिक या ओटीपी साझा

विपिन चंद्र का कहना है कि उन्होंने न तो किसी लिंक पर क्लिक किया, न ही किसी को ओटीपी या बैंकिंग पासवर्ड साझा किया। इसके बावजूद इतनी बड़ी रकम खाते से निकल जाना उन्हें हैरान कर गया। घटना के बाद वे बेहद मानसिक तनाव में हैं।

पुलिस जांच में जुटी, बैंक से मांगी गई रिपोर्ट

सूत्रों के अनुसार, साइबर अपराधियों ने फिशिंग या रिमोट एक्सेस तकनीक का उपयोग कर खाते की संवेदनशील जानकारी हासिल की हो सकती है। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने शिकायत दर्ज कर ली है और बैंक से ट्रांजेक्शन डिटेल्स व डिजिटल ट्रेल की जानकारी मांगी है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि खातों की निगरानी शुरू कर दी गई है, ताकि रकम का ट्रैक लगाया जा सके।

बचाव के लिए पुलिस की अपील

साइबर क्राइम पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि—

किसी भी अज्ञात कॉल या मैसेज पर व्यक्तिगत दस्तावेज साझा न करें।

बैंक, बीमा या सरकारी योजना के नाम पर कॉल करने वाले से सावधान रहें।

किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी थाने में दें।

पुलिस ने कहा — “साइबर अपराधियों की पकड़ के लिए टीम गठित कर दी गई है। जल्द ही आरोपी ट्रेस कर लिए जाएंगे।”

आगरा में बढ़ते साइबर अपराधों पर पुलिस ने नागरिकों से सतर्क रहने और डिजिटल सतर्कता बढ़ाने की अपील की है।

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