आगरा। ताजनगरी के एमडी जैन आचार्य शांति सागर सभागार में आयोजित ‘द्वितीय ऑल इंडिया होम्योपैथिक कांग्रेस’ का दूसरा दिन चिकित्सा जगत के लिए नई दिशाएं खोलने वाला रहा। वैज्ञानिक सत्रों के दौरान कैंसर, एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR) और जटिल पुराने रोगों पर होम्योपैथी के प्रभाव पर गहन मंथन हुआ। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी कि आधुनिक जीवनशैली और बंद कमरों (AC Rooms) में ऑक्सीजन की कमी कैंसर कोशिकाओं को सक्रिय करने का बड़ा कारण बन रही है।
मेयर हेमलता दिवाकर ने बढ़ाया चिकित्सकों का उत्साह
कार्यक्रम का शुभारंभ मेयर हेमलता दिवाकर ने किया। उन्होंने कहा कि आज होम्योपैथी एक किफायती और सुरक्षित विकल्प के रूप में हर घर तक पहुँच चुकी है। विशिष्ट अतिथि एमएलसी विजय शिवहरे ने शोधकर्ताओं को सम्मानित करते हुए कहा कि मधुमेह और कैंसर जैसे रोगों में होम्योपैथी के सकारात्मक परिणाम इसके वैज्ञानिक आधार को और मजबूत करते हैं।
कैंसर और वेंटिलेशन का गहरा संबंध
आयोजन सचिव डॉ. पार्थसारथी शर्मा ने बताया कि सम्मेलन में सर्वाधिक शोध पत्र कैंसर पर पेश किए गए। उन्होंने एक महत्वपूर्ण तथ्य साझा किया कि शरीर में कैंसर सेल्स हमेशा बनती हैं, लेकिन ऑक्सीजन की कमी उन्हें घातक बना देती है। उन्होंने वातानुकूलित कमरों में ‘क्रॉस वेंटिलेशन’ सुनिश्चित करने की सलाह दी। वहीं, पश्चिम बंगाल के डॉ. धुर्वा ज्योति मित्रा ने कैंसर उपचार के अपने सफल अनुभव साझा किए।
एएमआर (AMR) और मियाज़मैटिक थ्योरी पर चर्चा
वैज्ञानिक सत्रों में एंटीबायोटिक दवाओं के बेअसर होने (AMR) की वैश्विक समस्या पर चिंता जताई गई। विशेषज्ञों ने कहा कि भविष्य की स्वास्थ्य चुनौतियों में होम्योपैथी एक सशक्त पूरक चिकित्सा पद्धति है। डॉ. ए.के. सिंह ने ‘मियाज़मैटिक थ्योरी’ के माध्यम से क्रॉनिक रोगों के मूल कारण (सोरा, साइकोसिस, सिफिलिस) को पहचानने पर जोर दिया।
सम्मान के साथ समापन
कार्यक्रम के अंत में लीडर्स आगरा के पदाधिकारियों ने देश के विभिन्न कोनों से आए चिकित्सकों को स्मृति चिन्ह प्रदान किए। आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. जे.एन. सिंह रघुवंशी ने सफल आयोजन के लिए सभी का आभार व्यक्त किया और कहा कि ऐसे सम्मेलनों से होम्योपैथी के प्रति जुड़ी भ्रांतियां दूर होती हैं।
