Agra News: बाल सुधार गृह से रंगबाजी के जुलूस तक; कौन था राज चौहान? जिसकी हत्या के बाद ताजनगरी में गैंगवार की आहट से पुलिस अलर्ट

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आगरा। ट्रांसयमुना क्षेत्र में शुक्रवार रात हुई गैंगवार की घटना में राज चौहान की गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह वारदात उसके जन्मदिन से ठीक एक दिन पहले हुई, जिससे परिवार में कोहराम मचा है। पुलिस का शुरुआती मानना है कि मामला पुरानी रंजिश और गैंगवार से जुड़ा है। आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।

राज चौहान की कहानी सिर्फ एक हत्या तक सीमित नहीं है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, वह कम उम्र में ही अपराध की राह पर चल पड़ा था। बताया जा रहा है कि हाथरस में रहते समय उस पर अपने ही दादा की हत्या का आरोप लगा था। नाबालिग होने के कारण उसे करीब दो साल बाल सुधार गृह में रखा गया था।

हाल के महीनों में जेल से बाहर आने के बाद राज की गतिविधियां और तेज हो गईं। आरोप है कि उसने इलाके में रंगबाजी और दबदबा बनाने के लिए अपना गैंग खड़ा करना शुरू किया और हिस्ट्रीशीटर आलोक यादव के प्रभाव को चुनौती देने लगा। दिसंबर 2025 में जानलेवा हमले के मामले में जमानत पर बाहर आने के बाद वह उस समय चर्चा में आया, जब उसके भाई हर्ष चौहान ने सैकड़ों युवकों के साथ बाइक और कारों का जुलूस निकाला। हथियार लहराने का वीडियो वायरल होने पर न्यू आगरा थाने में राज समेत 15 युवकों पर मुकदमा दर्ज किया गया था।

परिजनों के मुताबिक, हत्या से पहले राज चौहान पूरे दिन चार युवकों के साथ रहा। ममेरे भाई लविश का कहना है कि चारों युवक सुबह उसके साथ दीवानी में तारीख पर गए थे। लौटने के बाद वे शाम को फिर घर आए, कमरे में काफी देर बातचीत हुई और फिर चारों उसे अपने साथ ले गए। परिवार का आरोप है कि वही युवक बाद में उसकी मौत की वजह बने।

घटना शुक्रवार रात एसएन स्टे हाउस में हुई, जहां शराब पार्टी के दौरान किसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ। देखते ही देखते माहौल हिंसक हो गया और राज पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दी गईं। जान बचाने के लिए वह होटल की गैलरी में भागा, लेकिन चार गोलियां लगने से वहीं गिर पड़ा और उसकी मौत हो गई। पुलिस को मौके से शराब की बोतलें, गिलास और अन्य आपत्तिजनक सामान मिलने की बात भी सामने आई है। बताया जा रहा है कि यह होटल कुछ दिन पहले ही पुलिस की कार्रवाई के बाद बंद कराया गया था।

हत्या की सूचना मिलते ही राज की मां नीरू चौहान मौके पर पहुंचीं। उन्होंने रोते-बिलखते आरोप लगाया कि उनके बेटे को हिस्ट्रीशीटर मोनू यादव के बेटे ने मारा है। मां बार-बार यही कहती रहीं कि “कल मेरे बेटे का जन्मदिन था, एक दिन पहले उसे मार दिया।” शनिवार को घर में मातम का माहौल रहा और मां की हालत बिगड़ती चली गई।

पुलिस के अनुसार, राज चौहान पर पहले भी गंभीर आरोप दर्ज थे। 9 मई को उसने साथियों के साथ नगला रामबल निवासी प्रिंस उर्फ काली यादव को रंगबाजी के लिए गोली मारकर जबरन बाइक पर बैठाया था। इसके बाद शाहदरा ले जाकर उसकी पिटाई की गई और दोबारा फायरिंग भी की गई थी। इस मामले में दर्ज एफआईआर के बाद से ही राज पुलिस की रडार पर था।

फिलहाल पुलिस हत्या में शामिल आरोपियों की तलाश कर रही है। माना जा रहा है कि यह वारदात गैंगवार और पुरानी दुश्मनी का नतीजा हो सकती है। जांच के बाद ही पूरी तस्वीर साफ होगी।

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