आगरा। जहां भक्ति में सेवा का भाव जुड़ जाता है, वहां आयोजन केवल उत्सव नहीं, बल्कि संस्कार और सामाजिक दायित्व का संदेश बन जाता है। इसी प्रेरणा के साथ श्री श्याम मित्र मंडल एवं श्री श्याम महिला मित्र मंडल, लोहा मंडी द्वारा आयोजित चार दिवसीय श्री श्याम महोत्सव का समापन रविवार को जैन स्मृति भवन, जयपुर हाउस में अत्यंत भावपूर्ण और श्रद्धामय वातावरण में संपन्न हुआ। समापन अवसर पर आयोजन ने एक नई मिसाल पेश करते हुए दो निर्धन बेटियों का विवाह वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न कराया, वहीं रात को भव्य श्याम संकीर्तन में श्रद्धालु श्याम नाम की धुन पर झूमते नजर आए।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुआ विवाह संस्कार
महोत्सव के अंतिम दिन दो कन्याओं का विवाह समारोह वैदिक मंत्रोच्चार, धार्मिक विधि-विधान और “जय श्री श्याम” के जयघोष के बीच संपन्न कराया गया। आचार्यों द्वारा दोनों कन्याओं का पाणिग्रहण संस्कार परंपरागत रीति से कराया गया।
कन्यादान के पावन क्षणों में उपस्थित श्रद्धालु भावुक नजर आए और पूरे वातावरण में करुणा, सेवा और संस्कार का भाव स्पष्ट रूप से झलकता रहा।
“बेटियों का विवाह कराना मानव धर्म” – अभी जैन
श्री श्याम मित्र मंडल, लोहा मंडी के अध्यक्ष अभी जैन ने कहा कि बेटियों का विवाह कराना केवल सामाजिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि मानव धर्म है। उन्होंने बताया कि श्याम बाबा की कृपा से मंडल को यह सौभाग्य मिला कि दो परिवारों के जीवन में खुशियों का दीप प्रज्वलित कर सका।
भक्ति के साथ सेवा ही आयोजन का उद्देश्य – अतुल गुप्ता
मंडल के कोषाध्यक्ष अतुल गुप्ता ने कहा कि श्री श्याम महोत्सव का उद्देश्य केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सेवा, करुणा और सामाजिक समर्पण को समाज में स्थापित करना है।
महिला मंडल ने निभाई हर व्यवस्था में सक्रिय भूमिका
श्री श्याम महिला मित्र मंडल की अध्यक्ष पूजा राधे अग्रवाल ने बताया कि विवाह की सभी व्यवस्थाओं में महिला मंडल की सक्रिय सहभागिता रही। दोनों कन्याओं को गृहस्थी में उपयोग आने वाला आवश्यक सामान भी भेंट स्वरूप प्रदान किया गया, ताकि उनका नया जीवन सुखमय और सुरक्षित शुरुआत के साथ आगे बढ़ सके।
श्याम नाम के संकीर्तन में डूबा जयपुर हाउस
विवाह संस्कार के बाद जैसे ही श्याम नाम का संकीर्तन आरंभ हुआ, जैन स्मृति भवन का माहौल भक्तिरस से सराबोर हो गया।
“खाटू वाले श्याम धणी, थारी महिमा न्यारी…” जैसे भजनों पर श्रद्धालु झूमते नजर आए और पूरा पंडाल “जय श्री श्याम” के गगनभेदी जयकारों से गूंज उठा।
संकीर्तन का शुभारंभ बाबा श्याम की जोत प्रज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर फूल बंगला में सजे खाटू नरेश की अलौकिक छवि श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी रही।
भजन गायकों ने बांधा समां
संकीर्तन में त्रिलोकी शर्मा, राजा सांवरिया, मीनाक्षी शर्मा, सूर्यांश गहलोत, विकास शर्मा एवं भोला वर्मा ने अपने भक्तिरस से परिपूर्ण कंठों से श्याम भजनों की अविरल धारा प्रवाहित की।
“हारे का सहारा श्याम हमारा…” जैसी पंक्तियों पर श्रद्धालु भावविभोर होकर नृत्य करते और श्याम भक्ति में लीन दिखाई दिए।
प्रसादी वितरण के साथ हुआ समापन
चार दिवसीय महोत्सव की श्रृंखला का समापन भव्य प्रसादी वितरण के साथ किया गया। आयोजकों ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य श्याम भक्ति के साथ समाज में सेवा, सद्भाव और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करना है।
इनकी रही विशेष उपस्थिति
कार्यक्रम में वरिष्ठ उपाध्यक्ष संतोष अग्रवाल, महामंत्री अमित अग्रवाल, कोषाध्यक्ष अतुल गुप्ता, मीडिया प्रभारी अखिल अग्रवाल, अवधेश कुलश्रेष्ठ, राजीव लवानिया, इंद्र खंडेलवाल, मनीष अग्रवाल, अनुराग अग्रवाल, प्रदीप जैन, मोहित अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
महिला मंडल से अनीता जैन, रीता अग्रवाल, आशी, गुंजन, पूजा अग्रवाल, निशा जैन, कामिनी, आंचल, प्रियंका, प्रीति, ज्योति अग्रवाल, लता गर्ग समेत अनेक महिलाएं भी आयोजन में सक्रिय रहीं।
चार दिवसीय श्री श्याम महोत्सव ने यह संदेश स्पष्ट कर दिया कि जब भक्ति के साथ सेवा और संवेदना जुड़ती है, तब समाज में केवल उत्सव नहीं, बल्कि मानवता का दीप भी जलता है।
