Agra News: भस्मासुर दहन संग गोकुलपुरा गणगौर मेले का हुआ समापन, ईसर-गौरा के 32 जोड़ों की निकली भव्य शोभायात्रा

Press Release

आगरा। गोकुलपुरा में आयोजित दो दिवसीय पारंपरिक गणगौर मेला का भव्य शोभायात्रा और भस्मासुर के पुतले के दहन के साथ समापन हुआ।

मंगलवार को समापन समारोह का शुभारंभ कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, आरएसएस आगरा के विभाग संघ चालक राजन चौधरी, भाजपा महानगर अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता, राजेश खुराना, अध्यक्ष रामकुमार कसेरा, मुख्य संरक्षक पंडित दिनेश चंद्र शर्मा, पंडित दाऊ दयाल शर्मा, रजत अस्थाना, केके शिवहरे ने दीप प्रज्वलन कर किया।

श्री गणगौर मेला कमेटी के महामंत्री मनीष वर्मा, कोषाध्यक्ष सुनील वर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष नरेंद्र वर्मा और भारत वर्मा, संयोजक अमन वर्मा, उपाध्यक्ष ललित शर्मा, प्रदीप गुप्ता, ओम प्रकाश वर्मा, सह कोषाध्यक्ष विष्णु पोरवाल, मंत्री गोविंद वर्मा, सह मंत्री राकेश वर्मा, नीरज वर्मा ,सहसंयोजक दीपक वर्मा, मीडिया प्रभारी गौरव वर्मा, सह मीडिया प्रभारी गिरीश वर्मा, सह मंत्री अभिषेक जैन और पंकज यादव ने सभी अतिथियों का स्वागत किया।

विधिवत शुभारंभ के बाद 32 ईसर और गौरा के जोड़ों की भव्य और दिव्य शोभायात्रा देर रात निकाली गई। रथों पर विराजित मां पार्वती और भगवान शंकर के स्वरूप गणगौर की शोभा देखते ही बन रही थी। अलौकिक श्रृंगार से सज्जित गणगौर के जोड़े हर भक्त को अपनी ओर आकर्षित कर रहे थे। अपने आराध्य के दर्शन के लिए आस्था का सैलाब उमड़ रहा था। क्या बच्चे क्या बड़े गणगौर, मेले में हर कोई भक्ति के आनंद से सराबोर दिख रहा था।

दर्जन भर बैंड बाजे और ढोल नगाड़ों के साथ शोभायात्रा भव्यता से निकाली गई। शोभायात्रा का सैकड़ो जगह स्वागत पुष्प वर्षा कर और आरती उतार कर किया गया। शोभायात्रा गणगौर दरवाजे से आरंभ होकर गोकुलपुरा, राजामंडी, कंसगेट, बल्का बस्ती, मंसा देवी सहित विभिन्न मेला क्षेत्रों से होकर निकली।

शोभा यात्रा के बाद ब्रह्म मुहूर्त में बुराई, स्वार्थ, लालच और अहंकार के प्रतीक भस्मासुर के पुतले का दहन किया गया। धनकामेश्वर मंदिर, सिंधी कॉलोनी, गोकुलपुरा पुलिस चौकी के पास 15 फीट ऊंचे भस्मासुर के पुतले का दहन किया गया। आतिशबाजी और रंग बिरंगी रोशनी के मध्य लगे मेले को देखने के लिए अन्य जिलों से भी लोग पहुंचे थे। विभिन्न झूले एवं स्टॉल्स पर जमकर भीड़ रही। लगभग 250 स्टॉल लगाए गए। मेले की व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित करने हेतु स्वयंसेवकों की चार टीमों का गठन किया गया, जिसमें प्रत्येक टीम में 15 सदस्य शामिल थे।

इसलिए होता है भस्मासुर का दहन

श्री गणगौर मेला कमेटी के मुख्य संरक्षक पंडित दिनेश चंद्र शर्मा ने बताया भस्मासुर दहन का आयोजन एक पौराणिक कथा पर आधारित है। जिसमें भगवान शिव द्वारा दिए गए वरदान के कारण भस्मासुर अजेय हो गया था। जब उसने इस शक्ति का दुरुपयोग शुरू किया, तो भगवान विष्णु ने मोहिनी रूप धारण कर उसे नष्ट कर दिया। इसी कथा के प्रतीक स्वरूप गणगौर मेले में भस्मासुर का पुतला दहन किया जाता है।

सहयोगियों का हुआ सम्मान

मेले के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले सदस्यों का विशेष सम्मान किया गया। कार्यक्रम के अंत में गणगौर मेला कमेटी द्वारा सहयोगियों और स्वयंसेवकों को स्मृति चिन्ह और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त, स्थानीय प्रशासन एवं पुलिस विभाग का भी आभार व्यक्त किया गया, जिन्होंने मेला आयोजन में सहयोग प्रदान किया। इस अवसर पर गणमान्य नागरिकों और श्रद्धालुओं ने गणगौर मेले की इस भव्य परंपरा को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

इन्होंने संभाली व्यवस्था

मुख्य संरक्षक पंडित दिनेश चंद्र शर्मा, पंडित दाउदयाल शर्मा, रजत अस्थाना, केके शिवहरे, अध्यक्ष रामकुमार कसेरा, महामंत्री मनीष वर्मा, कोषाध्यक्ष सुनील वर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष नरेंद्र वर्मा, भरत वर्मा, संयोजक अमन वर्मा, उपाध्यक्ष ललित शर्मा, प्रदीप गुप्ता, ओमप्रकाश वर्मा, सह कोषाध्यक्ष विष्णु पोरवाल, मंत्री गोविंद वर्मा, सहमंत्री राकेश वर्मा, नीरज वर्मा, सह संयोजक दीपक वर्मा, मीडिया प्रभारी गौरव वर्मा, सह मीडिया प्रभारी गिरीश वर्मा, सह मंत्री अभिषेक जैन और पंकज यादव ने व्यवस्था संभाली।

रिपोर्टर- पुष्पेंद्र गोस्वामी

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