अयोध्या में धर्म ध्वजारोहण कर PM मोदी बोले—आज संकल्प को सिद्धि मिली…संपूर्ण विश्व राममय है

Press Release

अयोध्या। अभिजीत मुहूर्त के शुभ समय में अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विधिवत धर्म ध्वजारोहण किया। वैदिक मंत्रोच्चार और जयघोषों के बीच जब भगवा धर्मध्वज शिखर पर लहराने लगा, तो पूरी रामनगरी भक्ति और उत्साह के अभूतपूर्व वातावरण से भर उठी।

ध्वजारोहण के बाद पीएम मोदी ने ‘सियावर रामचंद्र की जय’ के उद्घोष के साथ अपना संबोधन शुरू किया। उन्होंने कहा,
“आज संपूर्ण भारत, संपूर्ण विश्व राममय है। सदियों के घाव भर रहे हैं, सदियों की वेदना आज विराम पा रही है। सदियों का संकल्प आज सिद्धि को प्राप्त हो रहा है।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि मंदिर में स्थापित यह धर्म ध्वज न केवल भगवान राम के आदर्शों का प्रतीक है, बल्कि समाज को सत्य, संकल्प और करुणा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता रहेगा।

उन्होंने कहा कि इसका भगवा रंग, सूर्य का चिन्ह, और कोविदार वृक्ष की छवि रामराज्य की कीर्ति को दर्शाते हैं। “प्राण जाए पर वचन न जाए”— इस मूलमंत्र को धर्मध्वज युगों-युगों तक मानव मात्र को प्रेरित करता रहेगा।

गरीबों और वंचितों के लिए संकल्प

अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि हमें ऐसा समाज बनाना होगा जहाँ कोई गरीब न हो, कोई पीड़ित न हो। उन्होंने मंदिर के निर्माण में योगदान देने वाले हर दानवीर, श्रमवीर, कारीगर, योजनाकार और वास्तुकार का अभिनंदन किया।

उन्होंने कहा कि अयोध्या वह नगरी है जहां से भगवान श्रीराम ने अपना जीवन पथ प्रारंभ किया था और आज यही नगरी भारत की सांस्कृतिक चेतना के नए अध्याय की साक्षी बन रही है।

रामायण के प्रतीकों का श्रद्धापूर्वक स्मरण

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने मंदिर परिसर में स्थापित सप्त मंदिर, निषाद राज मंदिर, जटायु की प्रतिमा और गिलहरी की प्रतिमा का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ये सभी प्रतीक बड़े संकल्प की सिद्धि में छोटे-से-छोटे योगदान की महत्ता को दर्शाते हैं।

500 वर्षों की तपस्या को पूर्णता

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज का यह कार्यक्रम उस यज्ञ की पूर्णाहूति है जिसकी अग्नि पांच सौ वर्षों से प्रज्ज्वलित रही।
उन्होंने कहा, “आज भगवान श्रीराम के गर्भगृह की अनंत ऊर्जा प्रतिष्ठित हुई है। यह धर्म ध्वज इतिहास के सुंदर जागरण का प्रतीक है—सदियों के संघर्ष की सिद्धि और सदियों के सपने का साकार स्वरूप।”

पीएम मोदी ने कहा कि धर्मध्वज ‘सत्यमेव जयते’ और ‘प्राण जाए पर वचन न जाई’ के आदर्शों का उद्घोष करता रहेगा। यह ध्वज आने वाली पीढ़ियों को सत्य, सेवा, समन्वय और संकल्प की शक्ति का संदेश देता रहेगा।

अयोध्या में इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनने के लिए हजारों श्रद्धालु एकत्र हुए थे। पूरे शहर में दीप, पुष्प और उत्सव का वातावरण देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा था जैसे संपूर्ण अयोध्या भक्ति के सागर में डूब गई हो।

साभार सहित

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *