लखनऊ। उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। गोंडा जनपद के मेडिकल कॉलेज के मोर्चरी विभाग में गुरुवार रात रखे गए एक शव की आंख गायब मिलने से हड़कंप मच गया। सुबह जब परिजन मोर्चरी पहुंचे तो मृतक की एक आंख गायब थी, यह देखकर वे भड़क उठे और अस्पताल गेट पर शव रखकर जमकर हंगामा करने लगे।
मामला करनैलगंज के बाबूगंज निवासी कौशलेंद्र कुमार सिंह उर्फ पिंकू का है, जो निर्माणाधीन मकान की ढलाई का काम करते थे। गुरुवार शाम काम के दौरान वह छत से नीचे गिर पड़े। गंभीर हालत में उन्हें मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवा दिया गया था।
शुक्रवार सुबह मोर्चरी पहुंचे परिजनों के होश उड़ गए जब उन्होंने देखा कि शव की एक आंख गायब है। इसके बाद परिजनों ने आक्रोश में शव को अस्पताल गेट के बाहर रखकर हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पर पुलिस, एडीएम और सीएमओ मौके पर पहुंचे और परिजनों को कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया।
सीएमओ ने कहा कि मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद से अस्पताल प्रशासन की भूमिका पर कई सवाल उठ रहे हैं और सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर भी गंभीर लापरवाही सामने आई है।
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