बारहखंबा रेलवे फाटक बंद होने पर लग जाती हैं वाहनों की लंबी कतारें
आगरा, 31 अक्टूबर। खेरिया मोड़-ईदगाह रेलवे ओवरब्रिज बंद होने से इस क्षेत्र के लाखों लोगों का जीवन संकट में फंस गया है। वे चाहकर भी न तो शहर के अंदर जा पा रहे हैं और अगर किसी तरह चले भी गये तो लौटना दुश्वार हो गया है। ये लोग न तो समय से अपनी ड्यूटी पर पहुंच पा रहे हैं और जो निकल भी रहे हैं, उनको इतनी जद्दोजहद करनी पड़ रही है कि जीवन को संकट में डालने जैसा लग रहा है।
वाकया शनिवार सुबह पौने नौ बजे से लेकर साढ़े नौ बजे तक का है। एक मालगाड़ी बारहखंबा फाटक पर आकर रुक जाती है। लगभग आधा घंटा खड़ी रहने के पश्चात इसको वापस आगरा कैंट स्टेशन की ओर ले जाते हैं। इस बीच रुई की मंडी फाटक से अर्जुननगर तिराहे तक ट्रैफिक ठसाठस हो जाता है। न तो कोई आ सकता है और न ही जा सकता है। हजारों वाहन इस जाम में फंस जाते हैं। आलम यह है कि यहां की तंग गलियों में भी स्कूटर-मोटरसाइकिलों की वजह से जाम लग जाता है। कभी-कभी तो ईरिक्शा और टेंपो भी इन गलियों में जबरिया घुस जाते हैं। जिससे वहां के निवासियों को भी भारी परेशानी उठानी पड़ती है।
इसके पश्चात कुछ लोग रेलवे लाइन को पार कर दूसरी ओर जाने लगते हैं। जिसमें किसी की बाइक फंस जाती है तो कोई अपने स्कूटर से ही गिर पड़ता है। सुबह का समय है लोगों को अपने काम पर जाने की जल्दी रहती है। काफी देर के पश्चात एक आरपीएफ का जवान वहां आता है और ट्रेन के पीछे से जो वाहन रेलवे पटरी पार कर रहे होते हैं, उन्हें रुकवा देता है। इसके बाद मालगाड़ी शंटिंग करती हुई वापस आगरा कैंट स्टेशन की ओर चींटी की चाल से चलने लगती है।
जैसे ही फाटक खुलता है वाहनों का रेला एक दूसरे को रौंदता हुआ आगे बढ़ता है। जो लोग रेलवे की पटरी पार कर निकल रहे थे, वे भी कूद पड़ते हैं। हर आदमी को जल्दी रहती है, इसलिये एक-दूसरे का रास्ता रोककर खड़े हो जाते हैं। सुबह का समय था तो वहां यातायात पुलिस का भी अभाव था। सौ-दो सौ वाहन बमुश्किल फाटक क्रास कर पाते हैं, तब तक मालगाड़ी फिर से वापस लौट आती है। मालगाड़ी का हार्न बजता रहता है लेकिन लगभग एक घंटे से जो लाखों लोग खड़े थे, उनका धैर्य जवाह दे जाता है। फिर तो मालगाड़ी को आगे बढ़ने ही नहीं देते।
इस बीच अर्जुन नगर तिराहे से खेरिया मोड़ की ओर तक वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। दूसरी ओर रुई की मंडी फाटक से भी आगे तक वाहनों का रेला खड़ा हो जाता है। जिसको निकालने में घंटों तक यातायात पुलिस को जूझना पड़ता है। वहीं पाइप लाइन टूटने से वहां पानी भी भर गया था। जिसके कारण कीचड़ हो गयी है। हालांकि कल यह पाइप लाइ्न जोड़ दी गयी है लेकिन कीचड़ तो अभी तक हो रहा है।
कुल मिलाकर ईदगाह आरओबी बंद होने से सराय ख्वाजा,रसूलपुर, नगला मेहराव, धनौली, खेरिया मोड़ , अजीत नगर, सोनानगर, केवी नगर, लक्ष्मण नगर, अयोध्या कुंज, अर्जुननगर, बारहखंबा आदि के निवासियों का जीवन नारकीय हो गया है। इस क्षेत्र के बाजार कमेटी वालों ने धरना भी दिया लेकिन परिणाम वही ढाक के तीन पात रहा। न तो रेलवे ने सुनी और न ही जिला प्रशासन अथवा जनप्रतिनिधियों ने इस क्षेत्र के लाखों लोगों के दर्द पर मरहम लगाया। अभी तो शुरूआत है। आरओबी को बनने में लगभग तीन माह लगेंगे। तब तक लोगों को यह संकट तो झेलना ही पड़ेगा। इस बीच दीपावली का बड़ा पर्व भी है। इसके बाद सहालग शुरू हो जाएंगे। फिर तो जाम और भी वृहद रूप लेने लगेगा। यह सोचकर भी इस क्षेत्र की जनता परेशान है।


