बालकों के प्रति अपराधों को रोकना पॉक्सो एक्ट का प्रमुख कार्य – न्यायाधीश पंकज कुमार

Press Release उत्तर प्रदेश

पॉक्सो एक्ट का प्रमुख कार्य 18 वर्ष से कम उम्र के बालक – बालिकाओं के प्रति हो रहे यौन – शोषण, बैड टच, शारीरिक छेड़छाड़ आदि से बचाव करना है ! इस अधिनियम में अपराध की‌ प्रकृति के हिसाब से सजा दी जाती है ! अतः इसकी जानकारी हमें अवश्य होनी चाहिये!

ये उद्गार एम.डी.जैन इण्टर कॉलेज, हरीपर्वत आगरा में आयोजित कार्यक्रम पोक्सो अधिनियम, 2012 के संबंध में विशेष जागरूकता अभियान के दौरान मुख्य अतिथि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, आगरा के माननीय न्यायाधीश महोदय श्री पंकज कुमार ने व्यक्त किये ! उन्होंने छात्रों को बड़े सरल और आसान शब्दों में किशोर वय में होने वाले यौन सम्बन्धी अपराधों की जानकारी प्रदान की!
छात्रों को इस पोक्सो अधिनियम से संबंधित प्रावधानों के बारे में बाल संरक्षण अधिकारी श्रीमती रितू वर्मा ने छात्रों से अपने अनुभव साझा किये । बाल संरक्षण अधिकारी और कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि ने छात्रों को किस प्रकार अपने ऊपर होने वाले लैंगिक अपराधों की‌ जानकारी एवं उसके संबंध में जागरूक किया।
इस अवसर पर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ0 संजय गर्ग ने अपने विचार इस अधिनियम के संबंध में रखे तथा समन्वयक डॉ.निखिल जैन ने सभी का स्वागत किया ! इस कार्यक्रम में इनके अतिरिक्त विशेष वक्ता, श्री गणतंत्र जैन ओजस्वी, स्काउट प्रभार, एन.एस.एस. प्रभारी श्री वाई.पी.सिंह एवं सपोर्ट पर्सन श्री मुनेन्द्र कुशवाह द्वारा विद्यालय के छात्रों को गुड-टच, बैड टच, बाल यौन शौषण, साइबर अपराध तथा इस अधिनियम के विधिक प्रावधानों एवं परिणामों की जानकारी प्रदान की गयी ।
कार्यक्रम का संचालन‌ श्री रीनेश मित्तल एवं गणतंत्र जैन ने किया एवं आभार कॉलेज प्रधानाचार्य ने एवं समन्वयक डॉ निखिल जैन‌ ने व्यक्त किया !

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