स्वच्छता ही सेवा-2026 के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

Press Release उत्तर प्रदेश

कचरा पृथक्करण एवं कंपोस्टिंग की दी जानकारी, प्लास्टिक के अनावश्यक उपयोग से बचने का दिया संदेश

आगरा। ‘स्वच्छता ही सेवा-2026’ अभियान के अंतर्गत मंडल रेल प्रबंधक गगन गोयल एवं अपर मंडल रेल प्रबंधक गिरीश कुमार गुप्ता के नेतृत्व में आगरा मंडल में स्वच्छता एवं जन-जागरूकता से संबंधित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। यह अभियान 17 सितंबर से 02 अक्टूबर 2026 तक “स्वच्छता में सहभाग, स्वच्छ भारत, विकसित भारत” की थीम पर संचालित किया जा रहा है।
अभियान के अंतर्गत 23 एवं 24 सितंबर 2026 को “कचरा पृथक्करण, कंपोस्टिंग, RRR (कम उपयोग, पुनः उपयोग, पुनर्चक्रण ) एवं प्लास्टिक को ना” विषय पर विशेष जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं। इसी क्रम में आगरा मंडल के आगरा कैंट, मथुरा जंक्शन, फतेहपुर सीकरी एवं आगरा फोर्ट स्टेशनों पर यात्रियों एवं आमजन को स्वच्छता, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया।
कार्यक्रम के दौरान ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के अंतर्गत कचरे के विभिन्न प्रकारों का निर्धारित श्रेणियों के अनुसार पृथक्करण करने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही, जैविक कचरे से कंपोस्ट खाद तैयार करने की प्रक्रिया, उसके पर्यावरणीय लाभ तथा घर एवं सार्वजनिक स्थलों पर इसके उपयोग के बारे में भी विस्तार से समझाया गया। इसके अतिरिक्त, प्लास्टिक के अनावश्यक उपयोग से होने वाले पर्यावरणीय दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक करते हुए प्लास्टिक के स्थान पर पर्यावरण-अनुकूल कपड़े के थैलों के उपयोग के लिए प्रेरित किया गया तथा कपड़े के थैले भी वितरित किए गए।
इस अवसर पर उपस्थित यात्रियों एवं आमजन ने स्वच्छता बनाए रखने का संकल्प लेते हुए कहा कि वे स्टेशन परिसर में कूड़ा-कचरा इधर-उधर नहीं फेंकेंगे तथा अन्य लोगों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक करेंगे। यात्रियों से अपील की गई कि वे गीला कचरा, सूखा कचरा, सैनिटरी वेस्ट एवं अन्य श्रेणी के कचरे को निर्धारित कूड़ेदानों में ही डालें, प्लास्टिक के अनावश्यक उपयोग से बचें तथा सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता बनाए रखने में सक्रिय सहयोग करें।
रेलवे कॉलोनियों में डोर-टू-डोर जागरूकता अभियान
स्वच्छता ही सेवा अभियान के अंतर्गत रेलवे कॉलोनियों में डोर-टू-डोर जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। इस दौरान कॉलोनीवासियों से घर-घर जाकर संवाद स्थापित किया गया तथा उन्हें घर, गली, मोहल्ले, कॉलोनी एवं कार्यालय परिसर में नियमित साफ-सफाई बनाए रखने, कचरे को निर्धारित रंग के कूड़ेदानों में डालने तथा एकल-उपयोग प्लास्टिक के स्थान पर कपड़े से बने थैलों का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया।
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान यह भी बताया गया कि स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण न केवल स्वास्थ्य की सुरक्षा में सहायक है, बल्कि विभिन्न बीमारियों की रोकथाम तथा बेहतर सामाजिक वातावरण के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। लोगों को कचरे का समयबद्ध निस्तारण, जलभराव की रोकथाम, प्लास्टिक के उपयोग में कमी तथा पौधरोपण जैसी पर्यावरण-अनुकूल गतिविधियों को दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया गया।
रेल प्रशासन ने सभी यात्रियों, रेलकर्मियों एवं आमजन से अपील की कि वे अपने घर, कार्यस्थल, रेलवे स्टेशन तथा अन्य सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छता बनाए रखने में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें। जनभागीदारी, जागरूकता एवं सामूहिक प्रयासों के माध्यम से ही “स्वच्छता में सहभाग, स्वच्छ भारत, विकसित भारत” के संकल्प को साकार किया जा सकता है।

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