आगरा के विकास जेठवानी परिवार ने निभाई सहभागिता
आगरा। सिंधी समाज के पूज्य चालीहा महोत्सव का समापन धार्मिक श्रद्धा और उल्लास के साथ हुआ। महाराष्ट्र के उल्हासनगर-5 स्थित पूज्य चालिहा साहिब झूलेलाल मंदिर को इस महोत्सव का प्रमुख केंद्र माना जाता है। विभाजन के समय वर्ष 1947 में सिंधी पूर्वज पाकिस्तान के पीरगोठ (सिंध) से पवित्र अखंड ज्योत भारत लेकर आए थे। यह अखंड ज्योत वर्ष 1897 से लगातार प्रज्ज्वलित है और आज भी मंदिर में सुरक्षित है।
महोत्सव में ताज नगरी आगरा से प्रमुख समाजसेवी विकास जेठवानी और उनके परिवार ने सहभागिता की और अपना सहयोग प्रदान किया। उनके साथ लक्ष्मी जेठवानी, जिया डलवानी, डॉली आहूजा, नेहा खत्री, सांची डलवानी, भूमि खत्री, दीपा आहूजा, मुरली खत्री, प्रदीप डलवानी, कुनाल जेठवानी,लखन खत्री , नैना जेठवानी,आदि शामिल हुए। ये जानकारी मीडिया प्रभारी मेघराज दियालानी ने दी
महोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान झूलेलाल की आरती, कीर्तन और पूजा-अर्चना में भाग लिया। ‘अखो’ (कच्चे चावल और चीनी का भोग) दरिया शाह यानी पवित्र जल में अर्पित किया गया। व्रत के समापन पर मिट्टी की मटकी में अखो लेकर पवित्र जलाशय में विसर्जन की परंपरा निभाई गई। आटे से तैयार सुंदर थाल को दीपक, इलायची, मिश्री और फलों से सजाकर कढ़ाह प्रसाद के साथ जुलूस निकाला गया और विधि-विधान से जल में प्रवाहित किया गया।
समापन अवसर पर भगवान झूलेलाल से सभी के कल्याण, सुख-समृद्धि और कष्टों के निवारण की अरदास की गई। श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को ‘झूलेलाल बेड़ा ही पार’ कहकर शुभकामनाएं दीं।


