–—- नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य के निर्देश
—– निर्माण कार्यों में लापरवाही से जनता को परेशानी हुई तो संबंधित फर्म होगी जिम्मेदार
—– अमर होटल क्षेत्र में जलभराव पर नगर निगम का एक्शन
—- सीएम ग्रिड योजना के कार्य के दौरान टूटा सीवर चैम्बर, मौके पर शुरू कराया मरम्मत कार्य
आगरा। शहर में चल रहे निर्माण कार्यों के दौरान क्षतिग्रस्त होने वाली भूमिगत पाइप लाइनों और सीवर चैम्बरों को लेकर नगर निगम प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी निर्माण कार्य के दौरान यदि जलकल, सीवर अथवा अन्य भूमिगत पाइप लाइनें क्षतिग्रस्त होती हैं तो संबंधित ठेकेदार को उन्हें तत्काल प्रभाव से ठीक कराना होगा। ऐसा न करने पर संबंधित फर्म के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी और समस्त उत्तरदायित्व उसी का माना जाएगा।
नगर आयुक्त का यह निर्देश अमर होटल के पास जलभराव की शिकायत सामने आने के बाद जारी किया गया। क्षेत्रीय पार्षद सुधीर राठौर द्वारा वॉट्सएप के माध्यम से शिकायत भेजे जाने पर नगर निगम अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण में पाया गया कि अमर होटल से इन्द्रापुरम कोसिंग चौराहे तक सीएम ग्रिड योजना के अंतर्गत 450 एमएम डायमीटर स्टॉर्म वाटर पाइप लाइन डालने का कार्य चल रहा है।
अवर अभियंता कृष्ण गोपाल के अनुसार निर्माण कार्य के दौरान पूर्व में निर्मित भूमिगत सीवर चैम्बर क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसके कारण क्षेत्र में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। सड़क पर पानी भरने से स्थानीय निवासियों, दुकानदारों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। शिकायत मिलते ही नगर निगम प्रशासन सक्रिय हुआ और संबंधित फर्म के ठेकेदार को तत्काल मौके पर बुलाया गया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने ठेकेदार को फटकार लगाते हुए तुरंत मरम्मत कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए। नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि क्षतिग्रस्त चैम्बर को ठीक करने का कार्य शुरू करा दिया गया है और जलनिकासी व्यवस्था को जल्द सामान्य कर दिया जाएगा।
नगर आयुक्त ने कहा कि शहर में चल रहे विकास कार्य जनता की सुविधा के लिए किए जा रहे हैं, लेकिन कार्यों में लापरवाही के कारण यदि नागरिकों को परेशानी होती है तो संबंधित एजेंसी और ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को भी निर्देशित किया है कि निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और किसी भी शिकायत पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।


