आगरा।स्थानीय जानकारों और ग्रामीणों के मुताबिक स्मारक परिसर में कई ऐसे हिस्से हैं, जहां आमतौर पर पर्यटकों की आवाजाही नहीं होती। इनमें हिरन मीनार, कार्बन सराय के आसपास का क्षेत्र, तीन-चार बाबड़ियां, चार-पांच हम्माम और हकीम हाउस जैसे स्थान शामिल हैं।
इन सुनसान इमारतों को कस्बे के कुछ शोहदों ने अपना अड्डा बना लिया है। ये युवक ऊंची मंजिलों या छिपे हुए कोनों में बैठकर आने-जाने वालों पर नजर रखते हैं और मौके की तलाश में रहते हैं।
वीडियो बनाकर ब्लैकमेल, कई लड़कियां बनीं शिकार
सीकरी चार हिस्सा और सीकरी दो हिस्सा गांव के लोग बताते हैं कि ये तत्व प्रेमी युगलों को निशाना बनाते हैं। पहले छिपकर उनके वीडियो बनाए जाते हैं, फिर ब्लैकमेल कर पैसे वसूले जाते हैं। कई मामलों में तो युवतियों के साथ लगातार ब्लैकमेलिंग तक की घटनाएं सामने आई हैं। ऐसे मामलों में लड़कियां अपनी बदनामी के डर से सामने नहीं आई हैं।ये लोग ऐसे स्थानों पर छिपते हैं जहां से वे सब कुछ देख सकते हैं, लेकिन खुद किसी को नजर नहीं आते।
बता दें कि विगत दिवस (शनिवार दोपहर) इसी निर्जन इलाके में एक छात्रा लघुशंका के लिए गई थी। तभी दो युवकों ने उसे घेर लिया। एक आरोपी ने जबरन दुष्कर्म किया, जबकि दूसरा निगरानी करता रहा।हालांकि इस बार पीड़िता ने हिम्मत दिखाई और सीधे थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई, जो इस तरह के मामलों में एक बड़ा और साहसिक कदम है।
फतेहपुर सीकरी थाना प्रभारी निरीक्षक आनंद वीर सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल टीम गठित की थी और मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने उसी शाम कासिम उर्फ मिर्ची पुत्र सिराजुद्दीन निवासी मोहल्ला तालाब, कस्बा फतेहपुर सीकरी को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया। मुठभेड़ में आरोपी के पैर में गोली भी लगी।
गिरफ्तार आरोपी ने अपना अपराध कबूल कर लिया है और अपने फरार साथी के बारे में भी जानकारी दी है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। चौंकाने वाली बात यह है कि कासिम पहले भी हत्या जैसे जघन्य अपराध में जेल जा चुका है।
पुरातत्व विभाग पर सवाल: सुरक्षा या सिर्फ औपचारिकता?
पूरे मामले ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्मारक के सुनसान इलाकों में स्थित इमारतों के सामने से पहले आम रास्ता था। सीकरी चार हिस्सा और सीकरी दो हिस्सा गांव के लोग इसी निर्जन एरिया से अपने गांव आते-जाते थे, जिसकी वजह से स्मारक के इन सुनसान इलाकों में इस तरह की गतिविधियां नहीं हो पाती थीं।
अब सुरक्षा के नाम पर पुरातत्व विभाग ने निर्जन इलाकों की तार फेंसिंग करा दी है, जिससे गांव वालों के आने जाने वाले रास्ते बंद हो गये। गांव वालों की आवाजाही रुकने का नतीजा यह रहा कि इस इलाके में निर्जनता बढ़ी और अपराधियों को खुला मैदान मिल गया।



