एकलव्य स्टेडियम में इस साल तीन खेलों हाकी, शूटिंग और तलवारबाजी के शिविर नहीं लगेंगे

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आगरा, 4 अप्रैल। एकलव्य स्टेडियम में इस साल यानी वर्ष 2026-27 में तीन खेलों हाकी, शूटिंग और तलवारबाजी के शिविर नहीं लगेंगे। इसका कारण यह बताया जा रहा है कि इनके कैंप का नवीनीकरण खेल निदेशालय उत्तर प्रदेश द्वारा नहीं किया गया है। इनमें हाकी कोच मो. खलील, तलवारबाजी की कोच सुश्री सुमन सिंह और शूटिंग कोच दक्ष गौतम का नवीनीकरण होकर खेल निदेशालय से नहीं आया है। इनके अलावा जिनका भी नवीनीकरण क्षेत्रीय खेल कार्यालय आगरा द्वारा भेजा गया था, उनका नवीनीकरण हो गया है। उन सभी के कैंप इसी माह शुरू हो जाएंगे। ज्ञातव्य है कि 31 मार्च को संविदा वाले प्रशिक्षकों की संविदा समाप्त हो जाती है। इसके पश्चात जिनकी प्रोग्रेस सही होती है, उनका नवीनीकरण क्षेत्रीय खेल कार्यालय की संस्तुति पर खेल निदेशालय द्वारा कर दिया जाता है।

हालांकि अभी तो एकलव्य स्टेडियम में सेना की भर्ती चल रही है। इसलिये प्रशिक्षण बंद है।  19 अप्रैल को सेना भर्ती का कार्य पूर्ण होने के पश्चात सभी कोच अपनी कोचिंग शुरू कर देंगे। वालीबाल कोच भी नहीं है । इसका कारण यह भी बताया जा रहा है कि आरएसओ संजय शर्मा स्वयं वालीबाल के प्रशिक्षक हैं।

क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी संजय शर्मा का कहना है कि प्रशिक्षकों के नवीनीकरण में देखा जाता है कि संबंधित खेल के कोच मैदान में समय से उपस्थित होते हैं कि नहीं। ग्राउंड में समय कितना दे रहे हैं। ट्रेनिंग देते हैं कि नहीं। श्री शर्मा ने कहा कि क्षेत्रीय खेल कार्यालयआगरा  उत्तर प्रदेश  का पहला स्टेडियम बन गया है , जहां बिना रजिस्ट्रेशन के खिलाड़ी स्टेडियम में प्रवेश  नहीं कर पा रहे हैं। रैगुलर कार्ड चैकिंग हो रही है। मार्च तक गैर पंजीकृत खिलाड़ी स्टेडियम में प्रवेश नहीं  कर रहा था।  उन्होंने कहा कि सभी कोचों से कहा गया है कि जब तक सेना भर्ती चल रही है, तब तक खिलाड़ियों के पंजीकरण पर ध्यान दें।

 

क्रिकेट कोच आगरा में पहले से नहीं है

आगरा के स्टेडियम में क्रिकेट प्रशिक्षक विगत कई वर्षों से नहीं है। बताया जाता है कि क्रिकेट कोच के लिये आगरा से कोई आवेदन ही नहीं करता है। इसलिये यहां का क्रिकेट कैंप खाली रहता है। एक समय था , जब आगरा के स्टेड़ियम में सबसे अधिक बच्चे क्रिकेट के ही होते थे, जो सीखने के लिये  आते थे। स्व. श्री एमएके अफगानी के समय में तो क्रिकेट का ककहरा सीखने वाली बालिका खिलाड़ियों की संख्या भी अच्छी खासी थी। सच कहा जाए तो उनके समय में तत्कालीन आगरा क्रिकेट सचिव कैलाश नाथ टंडन का भी महत्वपूर्ण योगदान रहता था। उसी का परिणाम था कि  हेमलता काला समेत कई अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी इस शहर से निकलीं, जिन्होंने शहर और प्रदेश तथा देश के अलावा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ताजसिटी आगरा का नाम रोशन किया।

 

फिरोजाबाद में कबड्डी कैंप इस साल नहीं लगेगा

फिरोजाबाद में कबड्डी कैंप का नवीनीकरण खेल निदेशालय द्वारा इस वर्ष यानी वर्ष 2026-27 के लिये नहीं किया गया है। इसलिये वहां कबड्डी खिलाड़ियों को ट्रेनिंग के लिये आत्मनिर्भर बनना पडे़गा। गुरु के बिना ही ज्ञान लेना पड़ेगा। हालांकि पुरानी कहावत तो ये है कि गुरु बिन मिले न ज्ञान।

 

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