
मुंबई (अनिल बेदाग): मुंबई में कैंसर के बढ़ते मामलों को देखते हुए ज़्यनोवा शालब्य मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अस्पताल ने अपने नए और अत्याधुनिक ऑन्कोलॉजी विभाग की शुरुआत की है, जहाँ अब कैंसर के मरीजों को जांच, सटीक स्टेजिंग और आधुनिक थेरेपी के लिए दर-दर नहीं भटकना पड़ेगा। यहाँ एक ही छत के नीचे इलाज से लेकर मानसिक सहयोग तक की संपूर्ण सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
समय पर जांच ही जीवन की रक्षा:
विभाग के प्रमुख और सीनियर ऑन्को-सर्जन डॉ. दीपक खन्ना ने विभाग के विजन को साझा करते हुए कहा कि कैंसर के मामले में ‘देरी’ ही सबसे बड़ी दुश्मन है। उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य है कि जांच से लेकर इलाज तक के सफर में समय की बर्बादी न हो। हर मरीज के लिए उसकी स्थिति और जरूरत के हिसाब से एक ‘पर्सनलाइज्ड ट्रीटमेंट प्लान’ तैयार किया जाता है।”
दवा के साथ हौसले का भी इलाज:
कैंसर केवल शारीरिक ही नहीं, बल्कि मानसिक और आर्थिक रूप से भी पूरे परिवार को प्रभावित करता है। इसे समझते हुए अस्पताल ने मेडिकल ट्रीटमेंट के साथ-साथ पोषण सलाह (Nutrition Counseling) और मानसिक सहयोग (Psychological Support) की भी व्यवस्था की है। डॉ. खन्ना के अनुसार, सही इलाज के साथ मरीज का मनोबल बढ़ाना भी जीवन बचाने के लिए बेहद जरूरी है।
संवेदनशील और सुलभ चिकित्सा:
अस्पताल के सीओओ रेनी वर्गीसे ने बताया कि यह नई पहल गुणवत्तापूर्ण और भरोसेमंद चिकित्सा सेवाओं के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। हमारा उद्देश्य कैंसर उपचार को न केवल वैज्ञानिक बनाना है, बल्कि इसे मरीजों के लिए सुलभ और संवेदनशील भी बनाना है।


