आगरा। सनातन सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन में श्रीधाम वृंदावन की प्रखर वक्ता साध्वी ब्रज किशोरी ने मातृशक्ति को राष्ट्र की प्रथम शिल्पकार बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि एक संस्कारवान माँ ही राम, कृष्ण और भगत सिंह जैसे महापुरुषों को गढ़ती है। सम्मेलन में उमड़ी भारी भीड़ के बीच उन्होंने सनातन संस्कृति की रक्षा और जातिवाद के उन्मूलन पर जोर दिया।
संस्कार ही तय करेंगे राष्ट्र का भविष्य
साध्वी ब्रज किशोरी ने कहा कि संतान का भविष्य माँ के संस्कारों पर निर्भर करता है। उन्होंने भगत सिंह की माँ का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे एक माँ अपने पुत्र के बलिदान पर गर्व करती है। उन्होंने माताओं से आग्रह किया कि वे बच्चों में बचपन से ही तिलक, कंठी, स्वच्छता और राष्ट्रभक्ति के बीज बोएं, ताकि वे आने वाले समय में देश के सजग प्रहरी बन सकें।
“जातिवाद समाज को तोड़ने का षड्यंत्र”
समाज में व्याप्त ऊंच-नीच पर प्रहार करते हुए साध्वी ने कहा कि शास्त्रों में ‘दलित’ जैसा कोई शब्द नहीं है। समाज एक शरीर की तरह है, जिसके सभी अंग (वर्ण) समान रूप से आवश्यक हैं। उन्होंने आह्वान किया कि यदि हम जातिवाद छोड़कर ‘हम सब हिंदू हैं’ के भाव को अपना लें, तो भारत को हिंदू राष्ट्र बनने से कोई नहीं रोक सकता।
लव जिहाद और धर्मांतरण पर दी चेतावनी
नारी शक्ति को सृजन और संकल्प की देवी बताते हुए साध्वी ने लव जिहाद और धर्मांतरण जैसी साजिशों के प्रति माताओं को सजग रहने को कहा। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के स्वयंसेवकों के त्याग की सराहना की और माताओं को संघ के ‘पंच परिवर्तन’ के सिद्धांतों को आत्मसात करने की प्रेरणा दी।
