
आगरा। ताजनगरी के अछनेरा थाना क्षेत्र के गांव कासौटी में एक नाबालिग किशोरी की मौत ने पुलिसिया तंत्र की पोल खोल दी है। आरोप है कि गांव के ही अक्षित जैन ने किशोरी के आपत्तिजनक वीडियो बनाकर उसे लंबे समय तक ब्लैकमेल किया। इस प्रताड़ना में अक्षित के साथ अनिल और ललित जैन जैसे अन्य युवक भी शामिल थे। मानसिक दबाव न झेल पाने के कारण किशोरी ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली।
परिजनों के अनुसार, 24 जनवरी को उन्होंने मुख्य आरोपी अक्षित को पकड़कर पुलिस के हवाले किया था। उसके पास से बरामद दो मोबाइल फोन में दर्जनों अश्लील वीडियो और ऑडियो क्लिप मौजूद थीं। पुलिस ने इन सबूतों को खुद देखा, लेकिन कानूनी कार्रवाई करने के बजाय आरोपी को थाने से ही छोड़ दिया।
किशोरी की मौत 22 जनवरी को हुई, लेकिन पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने में 3 दिन लगा दिए। 26 जनवरी की शाम को एफआईआर दर्ज हुई, तब तक मुख्य आरोपी फरार होने में कामयाब रहा। पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस बार-बार तहरीर में कमियां बताकर उन्हें टालती रही।
आरोपियों के खुले घूमने और पुलिस के ढुलमुल रवैये के कारण पीड़ित परिवार और मामले से जुड़ी अन्य युवतियां गहरे खौफ में हैं। एक आरोपी की गिरफ्तारी की बात कही जा रही है, जबकि मुख्य साजिशकर्ता अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।


