थाईलैंड की रानी और राजकुमारी के स्वागत में सजा भारत, बुद्ध की तपोस्थली से लेकर प्रेम के प्रतीक ताजमहल तक भव्य तैयारियां

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आगरा/महराजगंज। भारत और थाईलैंड के बीच गहरे सांस्कृतिक और मैत्रीपूर्ण संबंधों की नई इबारत लिखी जा रही है। थाईलैंड की शाही परिवार की दो प्रमुख हस्तियां—रानी चखुन सिनीनात और राजकुमारी सिरिवन्नावरी—भारत के दौरे पर हैं। जहाँ रानी आज बौद्ध स्थलों के दर्शन करेंगी, वहीं अगले माह राजकुमारी आगरा के दीदार को पहुँचेंगी।

राजकुमारी सिरिवन्नावरी का आगरा दौरा

थाईलैंड की राजकुमारी सिरिवन्नावरी फरवरी के दूसरे सप्ताह में आगरा पहुँचेंगी। 10 फरवरी को वह जोधपुर से विशेष विमान द्वारा आगरा के खेरिया एयरफोर्स स्टेशन उतरेंगी। भारत सरकार उन्हें ‘राज्य अतिथि’ का दर्जा देगी। उनके ताजमहल भ्रमण के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम रहेंगे। बैंकॉक से आए सुरक्षा अधिकारियों ने भारतीय एजेंसियों के साथ मिलकर प्रोटोकॉल का खाका तैयार कर लिया है।

रानी चखुन सिनीनात का धार्मिक प्रवास

थाईलैंड की रानी चखुन सिनीनात आज (28 जनवरी) दो दिवसीय धार्मिक यात्रा पर भारत पहुंच रही हैं। उनके साथ 70 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल भी है। रानी कुशीनगर की थाई मोनेस्ट्री में रात्रि विश्राम करेंगी और 29 जनवरी को भगवान बुद्ध की महापरिनिर्वाण प्रतिमा पर पवित्र चीवर अर्पित करेंगी।

सोनौली में ‘मिनी थाईलैंड’ जैसा नजारा

रानी के स्वागत के लिए भारत-नेपाल सीमा पर स्थित प्रसिद्ध 960 थाई बौद्ध विहार को दुल्हन की तरह सजाया गया है। यहाँ विशेष पूजन-वंदन के बाद रानी सड़क मार्ग से नेपाल की सीमा पार कर भगवान बुद्ध की जन्मस्थली लुंबिनी के लिए रवाना होंगी। सुरक्षा को देखते हुए एसएसबी (SSB) और स्थानीय पुलिस अलर्ट मोड पर है।

सांस्कृतिक मित्रता का नया अध्याय

इन शाही दौरों को भारत-थाईलैंड संबंधों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भगवान बुद्ध की शांति और ताजमहल के प्रेम का संदेश इन यात्राओं के माध्यम से पूरी दुनिया में जाएगा।

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