आगरा । मंडल में ट्रेनों के सुरक्षित, संरक्षित एवं सुचारू संचालन को प्राथमिकता देते हुए मंडल रेल प्रबंधक गगन गोयल के कुशल मार्गदर्शन में वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त आगरा श्री पी. राज मोहन तथा वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री अंकित गुप्ता के निर्देशन में रेल सुरक्षा बल (आरपीएफ) एवं वाणिज्य विभाग द्वारा अनावश्यक अलार्म चेन पुलिंग (ACP) की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने हेतु विशेष सघन संयुक्त अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत आगरा मंडल के विभिन्न रेल खंडों, प्रमुख स्टेशनों एवं ट्रेनों में नियमित रूप से सघन जांच, निगरानी एवं जागरूकता गतिविधियाँ की जा रही हैं, जिससे यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ ट्रेनों के समयबद्ध एवं निर्बाध संचालन को बनाए रखा जा सके। अलार्म चैन पुलिंग का स्टेशनो पर निरंतर उद्घोषणा की जा रही है और बैनर पोस्टर के माध्यम से प्रचार किया जा रहा है कि अनावश्यक चैन पुलिंग ना करे RDN स्क्रीन के माध्यम से आमजन को जागरूक किया जा रहा है|
इसी क्रम में दिनांक 19.01.2026 एवं 20.01.2026 तक अभियान के दौरान अनावश्यक अलार्म चेन पुलिंग के कुल 18 मामलों का पता लगाते हुए संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई तथा लगभग रु. 8010/- का जुर्माना वसूला गया। जांच के दौरान गाड़ी संख्या 22456 शोलाका–होडल, 20423 भांडई –आगरा छावनी, 12651आगरा छावनी –राजा की मंडी , 22182 आगरा छावनी स्टेशन, 12779 धौलपुर स्टेशन , 22988 अछनेरा स्टेशन एवं 12803 बिल्लोच्पुरा यार्ड सहित विभिन्न स्थानों पर एसीपी की विशेष जांच की गई।
इसके अतिरिक्त, गाड़ी संख्या 12779 के जनरल कोच में धौलपुर स्टेशन पर यात्री सुरेन्द्र सिंह, गाड़ी संख्या 22922 के जनरल कोच में मथुरा जं. पर यात्री नारायण, गाड़ी संख्या 22988 में डी -5 कोच में आगरा फोर्ट स्टेशन पर यात्री जोनू तिवारी , गाड़ी संख्या 22181 के जनरल कोच में मथुरा जं. पर यात्री सर्वेश, गाड़ी संख्या 12715 में बी -2 कोच में आगरा छावनी पर यात्री सतवंत सिंह तथा गाड़ी संख्या 19054 के जनरल कोच में आगरा छावनी पर यात्री दीपू द्वारा अनावश्यक रूप से अलार्म चेन पुलिंग किए जाने पर रेल सुरक्षा बल द्वारा मौके पर ही उन्हें गिरफ्तार कर नियमानुसार विधिक कार्रवाई की गई।
रेल प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे केवल आपात स्थिति में ही अलार्म चेन पुलिंग का प्रयोग करें, अन्यथा यह दंडनीय अपराध है और इससे न केवल रेल संचालन प्रभावित होता है बल्कि अन्य यात्रियों को भी असुविधा का सामना करना पड़ता है; यात्रियों की सुरक्षा एवं बेहतर सेवा सुनिश्चित करने के लिए इस प्रकार के संयुक्त अभियान भविष्य में भी निरंतर जारी रहेंगे।
