स्पेनिश विदेश मंत्री अल्बेरेस ने की जयशंकर से मुलाकात, ‘इंडो-पैसिफिक’ में भारत के साथ मिलाएगा हाथ

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नई दिल्ली। वैश्विक अनिश्चितता और तेजी से बदलते भू-राजनीतिक हालात के बीच भारत को स्पेन का खुला समर्थन मिला है। स्पेन के विदेश मंत्री जोस मैनुअल अल्बेरेस ने भारत को अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करने वाला ‘भरोसेमंद देश’ बताते हुए कहा कि ऐसे समय में स्पेन के लिए भारत के साथ मजबूत रिश्ते बनाना बेहद जरूरी है।

स्पेनी विदेश मंत्री भारत दौरे पर हैं और उन्होंने नई दिल्ली में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से मुलाकात की। बैठक के दौरान अल्बेरेस ने द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत संयुक्त राष्ट्र चार्टर का पालन करता है, बहुपक्षीय व्यवस्था (मल्टीलेटरलिज्म) में विश्वास रखता है और वैश्विक मंच पर उसकी भूमिका लगातार मजबूत हो रही है।

भारत–ईयू एफटीए को बताया अहम कदम

स्पेन के विदेश मंत्री ने कहा कि भारत–यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को अंतिम रूप देना दोनों पक्षों के बीच गहरे सहयोग का “बहुत अच्छा संकेत” होगा। उन्होंने इसे आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने वाला कदम बताया।

एयरबस-टाटा साझेदारी का दिया उदाहरण

अल्बेरेस ने एयरबस स्पेन और टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स के बीच साझेदारी को दोनों देशों के बीच बढ़ते औद्योगिक सहयोग का ठोस उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रोजेक्ट भारत और स्पेन के रिश्तों को व्यावहारिक स्तर पर और मजबूत करते हैं।

राष्ट्रपति पेड्रो सांचेज के भारत आने की संभावना

स्पेन के विदेश मंत्री ने जानकारी दी कि स्पेन के राष्ट्रपति पेड्रो सांचेज के जल्द भारत आने की उम्मीद है। साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि इसके जवाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी स्पेन की यात्रा कर सकते हैं।

इंडो-पैसिफिक ओशन इनिशिएटिव में रुचि

अल्बेरेस ने भारत के साथ द्विपक्षीय और बहुपक्षीय दोनों मंचों पर काम करने की स्पेन की मंशा दोहराई। उन्होंने इंडो-पैसिफिक ओशन इनिशिएटिव में शामिल होने में स्पेन की रुचि जताई और इसे लेकर औपचारिक पत्र भी सौंपा।

यूरोप की रणनीतिक नजर भारत पर

विशेषज्ञों के अनुसार, स्पेन की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब अमेरिका और यूरोप के बीच तनाव बढ़ने की चर्चाएं हैं। ऐसे में यूरोपीय देशों का भारत की ओर रुख करना रणनीतिक साझेदारी को विविध बनाने और अटलांटिक पार निर्भरता को कम करने की दिशा में एक संकेत माना जा रहा है।

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