दिल्ली में पदभार, बिहार के नवादा में दिवाली: नितिन नवीन बने BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष, पैतृक गाँव में बंटे 251 किलो लड्डू

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नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी को राष्ट्रीय स्तर पर एक नया और युवा नेतृत्व मिल गया है। बिहार के 45 वर्षीय नितिन नवीन का भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर निर्विरोध चयन हुआ है। इसके साथ ही वे पार्टी के अब तक के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गए हैं। आज दिल्ली स्थित भाजपा के राष्ट्रीय कार्यालय में वे औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण करेंगे।

दिल्ली मुख्यालय में समारोह, वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी

भाजपा मुख्यालय में पदभार ग्रहण कार्यक्रम को लेकर व्यापक तैयारियां की गई हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेता, केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री और संगठन के प्रमुख पदाधिकारी इस अवसर पर मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम को संगठनात्मक दृष्टि से अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसी के साथ आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनावों की दिशा तय करने वाली रणनीति पर भी फोकस बढ़ेगा।

युवा नेतृत्व को लेकर कार्यकर्ताओं में उत्साह

पार्टी सूत्रों के अनुसार, नितिन नवीन के नेतृत्व को भाजपा में नई ऊर्जा और संगठनात्मक मजबूती के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। युवा उम्र के साथ संगठन में उनके अनुभव को मिलाकर यह बदलाव भाजपा के लिए भविष्य की तैयारी के तौर पर भी माना जा रहा है।

अमावां गांव में जश्न, लड्डू और गुलाल से खुशी

इधर, बिहार के नवादा जिले के रजौली प्रखंड स्थित उनके पैतृक गांव अमावां में इस खबर के बाद से उत्सव जैसा माहौल बन गया है। गांव में ढोल-नगाड़ों के साथ खुशियां मनाई जा रही हैं। लोग इसे ऐतिहासिक दिन बताते हुए मिठाइयां बांटने और गुलाल खेलने की तैयारी में जुटे हैं।

स्थानीय स्तर पर आयोजित जश्न की तैयारियों की देखरेख विधायक अनिल सिंह द्वारा की जा रही है। उन्होंने बताया कि गांव में 251 किलो लड्डू बनवाए गए हैं और पूरे गांव में खुशी का माहौल है।

‘गांव चलो’ अभियान से जुड़ी रही है पहचान

स्थानीय लोगों के अनुसार, अमावां गांव नितिन नवीन की राजनीति की जड़ों से जुड़ा रहा है। उन्होंने ‘गांव चलो’ अभियान की शुरुआत भी इसी गांव से की थी, जिसे उनकी जमीनी पकड़ और जनसंपर्क की पहचान माना जाता है।

बिहार के लिए गौरव का क्षण

गांव के बुजुर्गों और युवा कार्यकर्ताओं का कहना है कि नितिन नवीन का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनना बिहार के लिए सम्मान और गर्व का विषय है। लोगों का मानना है कि यह साबित करता है कि संगठन में मेहनत, अनुशासन और जमीनी काम करने वालों को शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचने का अवसर मिलता है।

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