लखनऊ। प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और प्रशासन के बीच चल रहा विवाद अब राजनीतिक रंग लेता नजर आ रहा है। इस मुद्दे पर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए मेले से जुड़ी व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं।
अखिलेश यादव ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद द्वारा प्रशासन पर लगाए गए आरोपों से जुड़ा एक वीडियो साझा किया। इसके साथ उन्होंने लिखा कि भाजपा के शासन में माघ मेले के नाम पर “कमीशनखोरी का नया खेल” शुरू हो गया है।
अखिलेश ने पोस्ट में आरोप लगाया कि मेले से जुड़ी भारी रकम “कमीशन” के रूप में गटकने का खेल चल रहा है और इसी कारण साधु-संतों को वह सम्मान नहीं मिल पा रहा, जो धार्मिक आयोजनों की गरिमा के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जिन संतों का दर्शन मात्र श्रद्धालुओं के लिए आशीर्वाद माना जाता है, उनके साथ भी कथित रूप से आपत्तिजनक और अपमानजनक व्यवहार किया जा रहा है।
सपा प्रमुख ने आगे दावा किया कि जो भी माघ मेले की अव्यवस्था और बदइंतजामी पर सवाल उठाएगा, उसे निशाने पर लिया जाएगा। उन्होंने शासन-प्रशासन पर कटाक्ष करते हुए लिखा कि भाजपा को “कमिश्नर” की जगह “कमीशनर” की नई पोस्ट बना देनी चाहिए।
अखिलेश यादव के इस बयान के बाद माघ मेले से जुड़ा विवाद और ज्यादा सियासी हो गया है। अब इस मुद्दे पर आगे राजनीतिक बयानबाजी तेज होने के आसार हैं।
