आगरा। ताजनगरी में संगठित जुए के सिंडिकेट से जुड़े अपराधियों के खिलाफ पुलिस ने एक बार फिर मोर्चा खोल दिया है। गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज मुकदमों के मद्देनजर पुलिस की विशेष टीमों ने शहर के नामी जुआरियों के ठिकानों पर औचक दस्तक देकर ‘सत्यापन अभियान’ चलाया। पुलिस की इस अचानक कार्रवाई से जुआ गिरोह के सदस्यों में खलबली मची हुई है।
होटल शेल्टर कांड से जुड़े हैं तार
यह पूरी कार्रवाई वर्ष 2023 के चर्चित ‘होटल शेल्टर’ मामले की कड़ी है। सिकंदरा थाना क्षेत्र में पुलिस ने होटल पर छापा मारकर 15 शातिर जुआरियों को गिरफ्तार किया था, जिनके पास से 14 लाख रुपये नकद, लग्जरी गाड़ियाँ और फर्जी आधार कार्ड बरामद हुए थे। इस बड़े नेटवर्क के खुलासे के बाद सभी आरोपियों के खिलाफ हरीपर्वत थाने में गैंगस्टर एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया था।
रडार पर संजय कालिया और वकील साहब का गैंग
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, सत्यापन के घेरे में संजय कालिया, रूप किशोर सहगल उर्फ ‘वकील साहब’, महेश पहाड़ी, फुरकान और मनीष सब्जी जैसे बड़े नाम शामिल हैं। हालाँकि इनमें से कई आरोपियों ने गिरफ्तारी पर कोर्ट से ‘स्टे’ ले रखा है, लेकिन गैंगस्टर एक्ट की कानूनी प्रक्रियाओं के तहत उनके वर्तमान पते, गतिविधियों और आपराधिक नेटवर्क का भौतिक सत्यापन अनिवार्य है।
अपराध पर ‘जीरो टॉलरेंस’ का संदेश
आगरा पुलिस की इस सख्ती को संगठित अपराध के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जुए के माध्यम से अवैध संपत्ति अर्जित करने वालों की कुंडली खंगाली जा रही है। सत्यापन के दौरान मिली जानकारियों के आधार पर आगामी कानूनी कार्रवाई की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
