आगरा से ‘राम राह’ पर निकलेंगे डॉ. मुकेश, 75 दिन, 20 हजार KM और श्रीलंका तक का सफर; CM योगी ने दी शुभकामनाएं

Press Release

आगरा। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के 14 वर्षों के वनवास मार्ग को अनुभव, अध्ययन और भावी पीढ़ियों तक पहुंचाने के संकल्प के साथ आगरा के चर्चित बाइक राइडर, ट्रैवल ब्लॉगर और यूट्यूब चैनल Solo Explorer के संचालक तथा रोटरी क्लब ऑफ आगरा डिवाइन के सचिव डॉ. मुकेश चौहान एक ऐतिहासिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक एकल मोटरसाइकिल अभियान पर निकलने जा रहे हैं। श्रीराम वन गमन पथ यात्रा केवल एक साहसिक राइड नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, रामायणकालीन इतिहास, सामाजिक समरसता और शोध का समन्वित प्रयास है।

दयालबाग निवासी डॉ. मुकेश चौहान ने पत्रकारों को बताया कि यह यात्रा भगवान श्रीराम के जीवन, आदर्शों और वनवास काल में उनसे जुड़े पवित्र एवं ऐतिहासिक स्थलों को जोड़ने का विनम्र प्रयास है। रामायण में वर्णित अनेक स्थल आज भी शोध और जिज्ञासा का विषय हैं। इस अभियान का उद्देश्य खोज, संवाद और अध्ययन के माध्यम से इन स्थलों को समाज के समक्ष प्रस्तुत करना है।

75 दिनों में 20 हजार किलोमीटर का सफर

यह सोलो बाइक यात्रा लगभग 75 दिनों में करीब 20,000 किलोमीटर की होगी, जिसमें आठ भारतीय राज्यों के साथ श्रीलंका भी शामिल है। यात्रा का औपचारिक शुभारंभ 16 जनवरी 2026 को प्रातः 11 बजे सेठ पदम चंद जैन इंस्टीट्यूट, डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, खंदारी कैंपस, आगरा से होगा। इसके पश्चात 18 जनवरी 2026 को अयोध्या स्थित हनुमान गढ़ी में पूजन-अर्चन के बाद श्रीराम वन गमन पथ पर विधिवत यात्रा प्रारंभ होगी।

यात्रा के प्रमुख उद्देश्य

डॉ. मुकेश चौहान के अनुसार, इस अभियान के माध्यम से रामायण में वर्णित वनवास मार्ग से जुड़े पवित्र स्थलों का सामाजिक व ऐतिहासिक शोध, भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं का गहन अध्ययन, स्थानीय जनमानस से संवाद कर लोककथाओं का संकलन, युवाओं में सनातन संस्कृति और इतिहास के प्रति जागरूकता, तथा हिंदू समाज को जातीय भ्रमजाल से मुक्त करने का वैचारिक प्रयास किया जाएगा। यात्रा के समस्त अनुभवों को पुस्तक के रूप में संकलित कर युवाओं के समक्ष प्रस्तुत करने की भी योजना है।

200 से अधिक रामायणकालीन स्थलों तक पहुंचेगी यात्रा

इस अभियान में अयोध्या, श्रृंगवेरपुर, प्रयागराज, चित्रकूट, दंडकारण्य क्षेत्र, नाशिक (पंचवटी), किष्किंधा क्षेत्र, रामेश्वरम और लंका मार्ग से जुड़े 200 से अधिक रामायणकालीन स्थलों को शामिल किया गया है। ये स्थल उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में स्थित हैं। तुलसीकृत रामचरितमानस और वाल्मीकि रामायण सहित विभिन्न ग्रंथों के अध्ययन तथा महीनों के शोध के बाद इस यात्रा का मार्ग निर्धारित किया गया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मिला आशीर्वाद

इस आध्यात्मिक और शोधपरक अभियान की सफलता की कामना करते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डॉ. मुकेश चौहान को शुभकामना पत्र भेजा है, जिससे यात्रा को नई ऊर्जा और संबल मिला है।

सोशल मीडिया पर दिखेगी यात्रा की झलक

यात्रा के दौरान प्राप्त अनुभव, दुर्लभ स्थलों की जानकारी, फोटो और वीडियो सोशल मीडिया तथा यूट्यूब चैनल Solo Explorer के माध्यम से देश-विदेश के दर्शकों तक पहुंचाए जाएंगे। यात्रा के प्रारंभिक चरण में डॉ. बी.एस. चौहान और डॉ. सी.पी. गुप्ता चित्रकूट तक डॉ. मुकेश चौहान के साथ रहेंगे।

पत्रकार वार्ता में श्री मनःकामेश्वर महादेव मंदिर के महंत योगेश पुरी, यात्रा संरक्षक डॉ. मुकेश गोयल, यात्रा संरक्षक एवं रोटरी क्लब ऑफ आगरा डिवाइन के अध्यक्ष डॉ. अनुपम गुप्ता, कार्यक्रम संयोजक नवीन अग्रवाल सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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