आगरा। उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (SIR) अभियान को लेकर चल रही सियासी जंग अब और तेज हो गई है। बरेली के मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी द्वारा सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर लगाए गए आरोपों पर समाजवादी पार्टी ने आगरा से मोर्चा खोल दिया है। पार्टी ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए इसे भाजपा प्रायोजित एजेंडा करार दिया है।
धर्म की आड़ में मुद्दों को दबाने की कोशिश: शब्बीर अब्बास
सपा के महानगर अध्यक्ष शब्बीर अब्बास ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी के बयान तथ्यहीन हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मौलाना जानबूझकर धर्म की आड़ लेकर मतदाता सूची में हो रही कथित अनियमितताओं के गंभीर सवाल को दबाना चाहते हैं।
अखिलेश यादव का रुख संवैधानिक, सांप्रदायिक नहीं
शब्बीर अब्बास ने स्पष्ट किया कि अखिलेश यादव ने जो सवाल उठाए हैं, वे किसी विशेष जाति या धर्म के खिलाफ नहीं, बल्कि हर नागरिक के लोकतांत्रिक अधिकार की रक्षा के लिए हैं। उन्होंने कहा, “SIR अभियान के नाम पर अगर किसी भी वैध मतदाता का नाम काटा गया या उसके अधिकारों का हनन हुआ, तो समाजवादी पार्टी चुप नहीं बैठेगी।”
भाजपा के एजेंट के रूप में काम कर रहे कुछ लोग
सपा नेतृत्व ने सीधा हमला बोलते हुए कहा कि मौलाना रज़वी जैसे लोग भाजपा के इशारे पर काम कर रहे हैं ताकि जनता का ध्यान वास्तविक मुद्दों से भटक जाए। अब्बास ने दो टूक कहा कि समाजवादी पार्टी न तो किसी दबाव में झुकेगी और न ही डरेगी। पार्टी संविधान और मताधिकार की रक्षा के लिए सड़क से लेकर सदन तक लड़ने को तैयार है।
आगामी रणनीति: और आक्रामक होगी सपा
महानगर अध्यक्ष ने संकेत दिए कि आने वाले दिनों में पार्टी SIR के मुद्दे पर और अधिक आक्रामक रुख अपनाएगी। तथ्यों के साथ जनता के बीच जाकर ‘वोट काटने की साजिश’ का पर्दाफाश किया जाएगा। आगरा इकाई ने एकजुट होकर संदेश दिया कि पूरी पार्टी मजबूती के साथ अखिलेश यादव के फैसलों के साथ खड़ी है।
