आगरा: हींग की मंडी स्थित प्रकाशवंती पैलेस में संचालित हरमीरा शू होलसेलर में हुई चोरी ने शहर के नकद कारोबार की हकीकत उजागर कर दी है। पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर सनसनीखेज खुलासा करते हुए फर्म के पूर्व कर्मचारी, उसके भाई और पिता को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से ₹96,95,500 नकद बरामद किए हैं। यह राशि व्यापारी द्वारा दर्ज कराई गई 22 लाख रुपये की चोरी की रिपोर्ट से कई गुना अधिक है।
पुलिस के मुताबिक चोरी की साजिश फर्म के पूर्व कर्मचारी नीरज ने अपने भाई आकाश और पिता अशोक के साथ मिलकर रची। नीरज करीब पंद्रह दिन पहले ही नौकरी छोड़ चुका था और उसे फर्म के नकद लेन-देन की पूरी जानकारी थी। इसी जानकारी का फायदा उठाकर तीनों ने वारदात को अंजाम दिया।
बुधवार को मीडिया को जानकारी देते हुए सैयद अली अब्बास ने बताया कि सफल खुलासे पर पुलिस आयुक्त द्वारा टीम को ₹25,000 का नकद पुरस्कार दिया गया है। उन्होंने बताया कि हरमीरा शू होलसेलर का संचालन खेमचंद वंजानी और हरीश चंद वंजानी, दो सगे भाई, संयुक्त रूप से करते हैं। फर्म की देशभर में सप्लाई है और प्रतिदिन करोड़ों रुपये के कारोबार का दावा किया जाता है।
घटना की जांच के दौरान पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में चोर रात करीब 1:30 बजे फर्म से निकलते और 2:30 बजे बिजलीघर चौराहे से किराये का ऑटो लेते दिखाई दिए। इसी इनपुट के आधार पर पुलिस ने लोहामंडी और शाहगंज क्षेत्र से तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से बोरे में भरी भारी मात्रा में नकदी बरामद हुई।
यह पूरी कार्रवाई थाना मदन मोहन गेट, नाई की मंडी पुलिस तथा साइबर सर्विलांस/काउंटर इंटेलिजेंस टीम की संयुक्त टीम ने अंजाम दी।
दबाव में नहीं आई पुलिस
बरामदगी के बाद पुलिस पर दबाव बनाया गया कि चोरी की रकम को केवल 20–22 लाख रुपये तक ही दर्शाया जाए, लेकिन पुलिस ने किसी भी दबाव को स्वीकार नहीं किया। आरोप है कि एक व्यापारी नेता ने मौके पर पहुंचकर पूरी रकम उजागर न करने की कोशिश की और राजनीतिक दबाव भी डलवाया गया, बावजूद इसके पुलिस ने सच्चाई सामने रखी।
करीब 97 लाख रुपये की नकद बरामदगी से हींग की मंडी में बड़े पैमाने पर नकद लेन-देन की पुष्टि हुई है। इस खुलासे के बाद आयकर और जीएसटी विभागों के सक्रिय होने की संभावना जताई जा रही है, जिससे इलाके के अन्य व्यापारियों में भी हलचल मच गई है और वे अपने खातों को दुरुस्त करने में जुट गए हैं।
