
झांसी। वीरांगना लक्ष्मीबाई की नगरी में महिलाओं के स्वावलंबन की प्रतीक रहीं चर्चित महिला ऑटो चालक अनीता चौधरी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। सोमवार तड़के उनका शव स्टेशन–सिविल लाइन रोड किनारे मिला। सिर पर गहरी चोट के निशान हैं, जबकि मंगलसूत्र, मोबाइल और अन्य जेवर गायब पाए गए। पास ही उनका ऑटो पलटा हुआ मिला है। हालात को देखते हुए परिजनों ने लूट के बाद हत्या कर शव फेंके जाने की आशंका जताई है। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
तालपुरा मोहल्ले की रहने वाली 33 वर्षीय अनीता चौधरी अपने बीमार पति द्वारका प्रसाद और परिवार के भरण-पोषण के लिए ऑटो चलाती थीं। वह झांसी की पहली महिला ऑटो चालक के रूप में जानी जाती थीं और आत्मनिर्भरता की मिसाल बन चुकी थीं। उन्हें पूर्व डीआईजी जोगेंद्र कुमार सहित कई अधिकारियों द्वारा सम्मानित भी किया गया था।
परिजनों के अनुसार, अनीता रविवार रात करीब नौ बजे ऑटो लेकर घर से निकली थीं। सोमवार तड़के लगभग ढाई बजे सिविल लाइन रोड पर एक स्कूल के पास उनका शव मिला। सिर पर गंभीर चोट थी और शरीर से जेवर व मोबाइल गायब थे। पति द्वारका प्रसाद का आरोप है कि लूट के बाद अनीता की हत्या की गई और घटना को सड़क हादसा दिखाने के लिए ऑटो पलट दिया गया।
घटना की सूचना मिलते ही एसपी सिटी प्रीति सिंह, सीओ सिटी लक्ष्मीकांत गौतम और थाना प्रभारी रवि श्रीवास्तव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। फॉरेंसिक टीम ने भी साक्ष्य जुटाए हैं।
सीओ सिटी लक्ष्मीकांत गौतम ने बताया कि शुरुआती सूचना सड़क दुर्घटना की थी, लेकिन परिजनों के आरोप और घटनास्थल की स्थिति को देखते हुए सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। मौत का कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगा। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल रही है ताकि रात के घटनाक्रम की कड़ी जोड़ी जा सके।


