आगरा। श्री पातालपुरी हनुमान जी महाराज विराजमान कसरेट बाजार सेठगली के 77वें वार्षिक समारोह के तत्वावधान में आयोजित श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ महोत्सव के चौथे दिन रविवार को यमुना किनारा रोड स्थित हाथी घाट पर पांडेय जी की बगीची में भक्तिभाव और आध्यात्मिक उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण के लिए पहुंचे और संपूर्ण वातावरण श्रीमद्भागवत की दिव्य रसधारा से सराबोर रहा।
श्रीमद्भागवत कथा का वाचन पूज्य श्री चेतन्य हरी चरत जी महाराज के मुखारविंद से हुआ।
आचार्य जी ने कहा कि श्रीमद्भागवत कोई साधारण ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन का दर्पण है। जो व्यक्ति इसके प्रत्येक चरित्र और प्रसंग से सीख लेकर अपने जीवन में आत्मसात करता है, वह निश्चित रूप से आध्यात्मिक उन्नति करते हुए परमपद को प्राप्त करता है।
कथा के चौथे दिन का शुभारंभ श्रीकृष्ण जन्म की दिव्य कथा से हुआ। कथावाचक ने कंस के अत्याचार, देवकी-वसुदेव की वेदना और कारागार में भगवान श्रीकृष्ण के अवतरण का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि अधर्म के बढ़ने पर धर्म की रक्षा के लिए भगवान स्वयं अवतार लेते हैं और श्रीकृष्ण का जन्म इसी शाश्वत सत्य का प्रतीक है। आचार्य जी ने बताया कि श्रीकृष्ण का संपूर्ण जीवन प्रेम, नीति, करुणा और भक्ति का संदेश देता है, जिसे अपनाकर मानव जीवन सार्थक बनाया जा सकता है।
कथा के दौरान भजन-कीर्तन से वातावरण भक्तिमय हो उठा। “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” जैसे जयघोषों से पंडाल गूंजता रहा और श्रद्धालु भावविभोर होकर भक्ति में लीन दिखाई दिए। आरती एवं प्रसाद वितरण के साथ चौथे दिन की कथा का समापन हुआ।
आयोजन की व्यवस्थाओं में अमित पांडेय, शीतल सिंह, गोबिंद पांडेय, बॉबी पांडेय, पार्षद अनुज शर्मा, सौरभ पांडेय एवं अंशुल सैनी ने सक्रिय भूमिका निभाते हुए समस्त व्यवस्थाएं संभालीं, जिनके सहयोग से कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
आयोजकों ने बताया कि श्रीमद्भागवत सप्ताह के आगामी दिनों में गोवर्धन लीला, रासलीला और सुदामा चरित्र सहित अन्य महत्वपूर्ण प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया जाएगा तथा श्रद्धालुओं से अधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्मलाभ अर्जित करने की अपील की गई।
