
राजामंडी रेलवे स्टेशन मार्ग पर मानक विरुद्ध कार्य, ठेकेदार को पहले भी किया जा चुका है दंडित
आगरा। माडल रोड के निर्माण में जानबूझकर कर लापरवाही और मानकों का उल्लंघन करने पर नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने कार्यदाई संस्था पर दो लाख रुपये का जुर्माना ठोंका है। मुख्यमंत्री ग्रीन रोड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट स्कीम (अर्बन) के तहत हरीपर्वत क्रॉसिंग से रवि हॉस्पिटल तथा दिल्ली गेट से राजामंडी मेट्रो स्टेशन मार्ग के समेकित विकास एवं उन्नयन का कार्य जारी है। इस कार्य की निविदा 7 अगस्त 2025 को नगर आयुक्त की स्वीकृति के बाद मै. श्री राम कंस्ट्रक्शन को 25.43 करोड़ रुपये (जीएसटी अतिरिक्त) में प्रदान की गई थी।
शनिवार को अवर अभियंता हरीपर्वत जोन हरी ओम द्वारा राजामंडी रेलवे स्टेशन मार्ग का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में पाया गया कि ठेकेदार द्वारा स्टॉर्म वाटर लाइन बिछाने के दौरान मानक प्रक्रियाओं का अनुपालन नहीं किया जा रहा है। ह्यूम पाइप डालने से पहले पीसीसी (प्लेन सीमेंट कंक्रीट ) मानक अनुरूप तैयार नहीं की गई थी और बिना पीसीसी के पाइप डाल दिए गए थे। अभियंता ने मौके पर ही ठेकेदार को पाइप उखाड़कर पुनः मानक के अनुसार कार्य करने के निर्देश दिए। इसके अलावा सुरक्षा मानकों की भी भारी अनदेखी पाई गई। स्थल पर बैरिकेडिंग सहित अन्य सुरक्षा उपकरणों का उपयोग नहीं किया जा रहा था, जिससे आमजन की सुरक्षा पर खतरा उत्पन्न हो रहा था। कार्य की गति अत्यंत धीमी पाई गई। इस पर क्षेत्रीय अभियंता ने नगर आयुक्त से ठेकेदार पर कार्रवाई की संस्तुति की थी।
इससे पूर्व भी ठेकेदार को इसी तरह की लापरवाही पर 11 नवंबर तथा 1 दिसंबर 2025 को नोटिस जारी करते हुए 2 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया था। इसके बावजूद ठेकेदार द्वारा सुधार नहीं किए जाने पर यह स्पष्ट हुआ कि संस्था द्वारा जानबूझकर लापरवाही की जा रही है, जिससे नगर निगम की छवि धूमिल हो रही है। अवर अभियंता द्वारा पुनः कार्रवाई की संस्तुति किए जाने पर नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने सख्ती दिखाते हुए मै. श्री राम कंस्ट्रक्शन पर दो लाख रुपये का जुर्माना लगाने का आदेश जारी किया है।
—नगर आयुक्त का वर्जन
“नगर निगम की किसी भी विकास कार्य में गुणवत्ता से समझौता स्वीकार नहीं है। निरीक्षण में मानक विपरीत कार्य एवं सुरक्षा मानकों की अनदेखी पाई गई, जो गंभीर लापरवाही है। संबंधित संस्था पर दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है और निर्देश दिए गए हैं कि समस्त कार्य आगणन एवं विशिष्टियों के अनुरूप ही किए जाएं। भविष्य में ऐसी लापरवाही मिलने पर और कठोर कार्रवाई की जाएगी।”
