आगरा। साइबर अपराधी लगातार नए तरीके ईजाद कर लोगों को निशाना बना रहे हैं। शहर में सामने आए एक ताज़ा मामले में मधूनगर, ग्वालियर रोड निवासी दिलीप सिंह के बैंक खाते से ठगों ने 2,89,000 रुपये निकाल लिए। मामला साइबर ठगी के नए ट्रेंड की ओर इशारा करता है, जहां अपराधी फर्जी बैंक मैसेज और यूपीआई रिफंड के नाम पर लोगों से पैसे ऐंठ रहे हैं।
फर्जी बैंक मैसेज से रची ठगी
पीड़ित के अनुसार, एक कॉलर ने फोन कर कहा कि “गलती से उसके खाते में पैसे ट्रांसफर हो गए हैं”। इसके बाद ठग ने एक फर्जी एसएमएस भेजा, जो बिल्कुल बैंक के आधिकारिक संदेश जैसा दिख रहा था—हेडर, भाषा और फॉर्मेट तक असली जैसा। संदेश देखकर दिलीप सिंह को यकीन हो गया कि उनके खाते में वास्तव में पैसा आया है।
ठग ने रकम “वापस भेजने” का दबाव बनाया, जिसके बाद पीड़ित ने फोन पे और गूगल पे के जरिए तीन अलग-अलग व्यक्तियों—जितेंद्र, भूवन कुमार और हरेराम दास—को पैसे भेज दिए।
तीन दिन में खाते से 2.89 लाख पार
22 मई से 24 मई के बीच दिलीप सिंह ने कुल ₹2,89,000 ट्रांसफर कर दिए। बाद में जब उन्होंने वास्तविक स्थिति जाननी चाही तो उनके खाते से पैसा पहले ही साफ किया जा चुका था।
साइबर पुलिस ने जारी की चेतावनी
साइबर सेल के अधिकारियों ने बताया कि यह ठगी का उभरता हुआ तरीका है, जिसमें अपराधी खुद ही बैंक जैसी भाषा में मैसेज तैयार कर भेजते हैं। मोबाइल नंबर से आने वाले संदेश को लोग असली मान बैठते हैं और बिना खाते में रकम आए ही “रिफंड” कर देते हैं।
पुलिस ने चेतावनी दी है कि किसी भी बैंक मैसेज या रिफंड रिक्वेस्ट पर सत्यापन किए बिना विश्वास न करें। मोबाइल नंबर से आने वाले संदेश को कभी भी बैंक का असली मैसेज न मानें। खाता व यूपीआई संबंधी लेनदेन हमेशा आधिकारिक ऐप और आधिकारिक कस्टमर केयर से ही जांचें।
मुकदमा दर्ज, जांच जारी
दिलीप सिंह की शिकायत के आधार पर साइबर थाना आगरा में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब ट्रांजैक्शनों की ट्रेल, संदिग्ध खातों और पूरे नेटवर्क को ट्रेस करने में जुटी है।
