आगरा। थाना जगदीशपुरा क्षेत्र के लक्ष्मी नगर में सोमवार देर रात चार्जिंग पर लगी इलेक्ट्रिक स्कूटी में शार्ट सर्किट से आग भड़क गई। देखते ही देखते लपटों ने पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में घर के निचले हिस्से में सो रहे बुजुर्ग दंपति की दर्दनाक मौत हो गई। ऊपरी मंजिल पर मौजूद परिवार के दूसरे सदस्यों को दमकल और पुलिसकर्मियों ने किसी तरह बचा लिया। इस त्रासदी ने इलाके को दहला दिया है और ईवी चार्जिंग के सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
लक्ष्मी नगर निवासी प्रमोद अग्रवाल अपने परिवार संग दो मंजिला मकान की ऊपरी मंजिल पर रहते हैं, जबकि निचली मंजिल पर उनके माता-पिता, 90 वर्षीय भगवती प्रसाद और उनकी पत्नी उर्मिला देवी रहते थे। प्रमोद सोमवार रात घर लौटे तो उन्होंने इलेक्ट्रिक स्कूटी चार्जिंग पर लगा दी। रात करीब साढ़े तीन बजे अचानक शार्ट सर्किट हुआ और स्कूटी में आग लग गई। आग तेजी से फैलकर पूरे घर तक पहुंच गई।
मकान के निचली मंजिल के लपटों में घिरने से वहां सो रहे दोनों बुजुर्ग बुरी तरह झुलस गए। इंस्पेक्टर जगदीशपुरा प्रदीप कुमार के अनुसार, भगवती प्रसाद की मौके पर ही मौत हो गई। गंभीर रूप से झुलसी उर्मिला देवी को एसएन मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
आग लगते ही इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना पर दमकल और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। दमकलकर्मियों ने ऊपरी मंजिल पर फंसे प्रमोद अग्रवाल और उनके परिवार को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
घटना ने इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग व्यवस्था की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। खुले में और बिना सुरक्षा उपायों के किए जा रहे चार्जिंग इंतजाम अब तक कई हादसों का कारण बन चुके हैं।
