आगरा। पुराने शहर के पीपल मंडी इलाके की खस्ताहाल सड़कों ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। टूटी पटियों और धंसी राहों से हर रोज़ सैकड़ों वाहन और राहगीर गुजरते हैं। हालात ऐसे हैं कि लोग जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं, जबकि नगर निगम खामोश बैठा है।
गड्डों से भरी सड़कें, खतरे में जिंदगी
पीपल मंडी की गलियां अब गड्डों और धंसी पटियों का रूप ले चुकी हैं। रोजाना हजारों दोपहिया वाहन चालक और पैदल राहगीर इन रास्तों से गुजरते हुए हादसे की आशंका झेलते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बार-बार शिकायत के बावजूद न मरम्मत हुई, न कोई स्थायी इंतज़ाम। खुले तार और सड़क से निकले पाइप बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकते हैं।
जिम्मेदार लोगों ने बांधी आंखों पर गांधारी की पट्टी
क्षेत्रीय लोगों का आरोप है कि नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारी सबकुछ जानते हुए भी अनदेखी कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि क्या नगर निगम किसी की जान जाने के बाद हरकत में आएगा? चुनावी वादों में करोड़ों खर्च करने वाले जनप्रतिनिधि जनता की सुरक्षा पर खामोश क्यों हैं? चेतावनी दी गई है कि अगर जल्द ही मरम्मत नहीं हुई तो वे सड़क पर उतरकर विरोध करेंगे।
नगर निगम सदन की बैठक में गूंजेगा मुद्दा
सोमवार को नगर निगम सदन की बैठक आहूत की गई है। सचिवालय ने सभी पार्षदों को देर रात व्हाट्सएप से सूचना भेजी। बैठक में बारिश के बाद टूटी सड़कों का मुद्दा प्रमुखता से उठ सकता है। इसके साथ ही टेंडर प्रक्रिया, सदन की नई इमारत, कुत्तों व बंदरों के वैक्सीनेशन और नए क्षेत्रों के विकास कार्यों पर भी चर्चा होगी।
पिछली बैठक जून में स्थगित होने के कारण 2 मई और 19 जून को पेश प्रस्तावों पर लिए गए निर्णयों को अब मंजूरी दी जाएगी। वहीं, सफाईकर्मियों की तैनाती और अन्य विकास कार्यों से जुड़े नए प्रस्तावों पर भी चर्चा होगी।
