आगरा: एस. एन. मेडिकल कॉलेज, आगरा में “नीडल स्टिक इंजरी एवं बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट” विषय पर नर्सिंग स्टाफ के लिए आज कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम प्रिंसिपल
डॉ. प्रशांत गुप्ता की नेतृत्व में किया गया एवं प्रमुख अधीक्षक डॉ. ब्रजेश शर्मा भी उपस्थित रहे |
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य नर्सों को नीडल स्टिक इंजरी से बचाव के उपायों, आपातकालीन प्रतिक्रिया, रिपोर्टिंग प्रक्रिया तथा बायोमेडिकल कचरे के सुरक्षित और वैज्ञानिक निष्पादन के प्रति जागरूक करना था।
डॉ. संतोष कुमार, प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, चेस्ट एवं टी.बी. विभाग ने अपने उद्घाटन भाषण में नर्सिंग स्टाफ को जागरूकता एवं सतर्कता अपनाने पर जोर देते हुए कहा कि, “नीडल स्टिक इंजरी न केवल स्वास्थ्य कर्मियों के लिए जोखिमपूर्ण है, बल्कि इससे संक्रमण का खतरा भी बढ़ता है। सभी को इससे बचाव के उपायों को भली-भांति जानना चाहिए।”
डॉ. पारुल गर्ग, सहायक आचार्य ने तकनीकी सत्र का संचालन करते हुए नर्सों को नीडल स्टिक के प्रकार, जोखिम, पोस्ट-एक्सपोज़र प्रोफाइलेक्सिस (PEP) की जानकारी दी |
डॉ. प्रज्ञा शाक्य, एसोसिएट प्रोफेसर, माइक्रोबायोलॉजी ने बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन की तकनीकी जानकारी दी।
इस कार्यक्रम में नर्सों को प्रायोगिक प्रशिक्षण (Hands-on Training), डॉ. स्वाति चौधरी, अस्पताल प्रशासन द्वार | दी गई।
इस कार्यक्रम की रूपरेखा एवं क्रियान्वयन डॉ. आरती अग्रवाल अग्रवाल, एसोसिएट प्रोफेसर, माइक्रोबायोलॉजी द्वारा किया गया |
रिपोर्टर- पुष्पेंद्र गोस्वामी
