आगरा, 31 जुलाई। जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभागार में अभियोजन कार्य की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। जिसमें अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के अंतर्गत आयोजित वादों तथा पीड़ित को दी जाने वाली क्षतिपूर्ति, महिलाओं के विरूद्ध घटित होने वाले अपराधों के वादों व पॉक्सो अधिनियम में अभियोजित वादों एवं अन्य आपराधिक वादों के मामलों की समीक्षा की गई। बैठक में महिलाओं से संबंधित अपराध और पोक्सो एक्ट के अपराधों में प्रभावी पैरवी के शासन ने जो निर्देश दिए हैं उनका पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए तथा जो मामले न्यायालय से दोषमुक्त हुए हैं, उनका प्रभावी तरीके से परीक्षण करते हुए उनमें यदि आवश्यक है तो अपील के लिए मामला शासन को संदर्भित किया जाए, जिससे माननीय उच्च न्यायालय में अपील कर सकें और जो गवाह पक्षद्रोही हुए हैं, जिन्होंने अभियोजन के तथ्यों का समर्थन नहीं किया है, उन गवाहों के विरुद्ध न्यायालय में धारा 344 की कार्यवाही प्रभावी तरीके से कराए जाने के कड़ाई से निर्देश दिए। जो गवाह आते हैं अधिक से अधिक गवाह बुलाए जाए और जो गवाह आए वह लौटकर नहीं जाएं, उनका परीक्षण होना चाहिए,।उनका साक्ष्य अंकित किया जाना चाहिए। विशेष कारणों से कोई लौटता है तो उसका प्रॉपर लौटने का कारण होना चाहिए।


