—- दीपों की आभा, भजनों की गूंज और स्वच्छता का संकल्प के साथ यमुना तट पर दिखा भक्ति का विराट स्वरूप
आगरा। ब्रज सांस्कृतिक उत्सव–2026 के अंतर्गत आगरा नगर निगम द्वारा आयोजित यमुना महाआरती का द्वितीय दिवस भक्ति, दिव्यता और सुव्यवस्थित प्रबंधन का अद्भुत उदाहरण बनकर सामने आया। प्राचीन मधुराधीश मंदिर के समीप आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में दीपों की जगमगाहट, वैदिक मंत्रोच्चार और हवन की पवित्र सुगंध से पूरा यमुना तट आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत हो गया।
विशेष रूप से विकसित आध्यात्मिक परिसर में ब्रज धाम और वृंदावन की लीलास्थली की झलक ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने मां यमुना की आरती में शामिल होकर आशीर्वाद प्राप्त किया और भक्ति रस में सराबोर नजर आए। पूरे परिसर में भजनों और मंत्रों की गूंज से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
कार्यक्रम के दौरान “एक शाम करतार सिंह के नाम” भजन संध्या का आयोजन भी किया गया। इस अवसर पर पालक किशोरी एवं शिवांजू महाराज के आशीर्वचन और भक्ति गीतों ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति कराई।
इस आयोजन की विशेषता इसका “जीरो वेस्ट” मॉडल रहा। नगर निगम द्वारा परिसर में जगह-जगह डस्टबिन, स्वच्छता संदेशों वाले बैनर, अस्थायी स्वच्छ शौचालय, पेयजल हेतु टैंकर, निरंतर सफाई व्यवस्था तथा नियमित वाटर स्प्रिंकलिंग की प्रभावी व्यवस्था की गई। कार्यक्रम स्थल पर बैक-टू-बैक सफाई से स्वच्छता बनाए रखी गई।
यमुना घाट को प्लास्टिक मुक्त बनाए रखने के लिए नगर निगम ने विशेष प्लास्टिक जांच चेक-पॉइंट स्थापित किए हैं। यहां प्रत्येक श्रद्धालु की जांच की जा रही है, ताकि कोई भी प्लास्टिक सामग्री घाट या यमुना में न पहुंचे। इसके अलावा श्रद्धालुओं द्वारा लाए गए फूल-माला और अन्य पूजन सामग्री के सम्मानजनक संग्रह के लिए ‘अर्पण कलश’ भी लगाए गए हैं, जिससे धार्मिक आस्था के साथ-साथ नदी प्रदूषण पर भी नियंत्रण रखा जा सके।
नगर निगम प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे पूजा सामग्री प्लास्टिक में न लाएं। यदि किसी कारणवश प्लास्टिक में सामग्री लाई गई हो तो उसे प्रवेश द्वार पर बने चेक-पोस्ट पर जमा कर दें, ताकि यमुना की पवित्रता और पर्यावरण की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
“आस्था भी, स्वच्छता भी” के मंत्र के साथ आगरा नगर निगम का यह आयोजन श्रद्धा, व्यवस्था और जिम्मेदारी की नई मिसाल बनता जा रहा है।
