आगरा। नववर्ष एवं मकर संक्रांति के पावन अवसर पर पार्श्वनाथ पंचवटी स्थित सद्भावना कॉलोनी उस समय भक्तिरस में सराबोर हो उठी, जब संतों के शुभागमन से माता सीता की पावन नगरी पंचवटी मानो संतों का धाम बन गई। पूरे क्षेत्र में “जय-जय श्री राधे” और “राधे-राधे” के जयघोष गूंज उठे, जिससे वातावरण पूरी तरह
आध्यात्मिक और भक्तिमय हो गया।
संतों के आगमन पर कॉलोनी के लगभग 580 परिवारों ने सामूहिक सद्भावना का परिचय देते हुए घर-घर संतों का सम्मान किया। श्रद्धा, सेवा और समर्पण की इस अनुपम मिसाल ने पंचवटी को धर्म, संस्कार और संस्कृति का जीवंत केंद्र बना दिया,भक्तों ने संतों के चरणों में नमन कर अपने जीवन को धन्य किया और मकर संक्रांति के शुभ पर्व को आध्यात्मिक अर्थ प्रदान किया।
भजनों की मधुर स्वर-लहरियों, राधा-कृष्ण के नाम स्मरण और संतों के दिव्य आशीर्वचनों से वातावरण अलौकिक हो उठा,महाराज धर्मा नंद गिरी जी,महंत श्री हरिओम पुरी एवं संतों ने हिंदुत्व के पर्वों, संस्कारों और सनातन संस्कृति के महत्व पर प्रकाश डालते हुए सभी परिवारों को धर्म के मार्ग पर अग्रसर रहने का संदेश दिया,
कार्यक्रम के समापन पर संतों ने समस्त पंचवटी परिवार को आशीर्वाद प्रदान किया और प्रयागराज के लिए प्रस्थान किया, संतों की विदाई के समय भी श्रद्धालुओं की आंखों में भक्ति और हृदय में संतोष झलकता रहा।
यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि सामाजिक एकता, सद्भावना और सनातन परंपरा की सशक्त मिसाल के रूप में भी स्मरणीय रहा,
जय-जय श्री राधे।
सेवा में अध्यक्ष नरेंद्र सिंह,उपेंद्र सिंह, संरक्षक श्याम भोजवानी,डॉ आर पी राजपूत, अध्यक्ष नरेंद्र सिंह, पवन अग्रवाल, अनुराधा राजपूत, डॉ सुनीता उपेंद्र, सुधांशु, तेजस्वी, पंकज राजपूत, अनुप्रिया, रचना आदि रहे।
