आगरा। शहर में गंदगी और जलभराव का कारण बन रहे पशु बाड़ों के खिलाफ नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने सख्त कदम उठाने के निर्देश दिये हैं। उनका कहना है कि शहर में संचालित सभी बाड़े अवैध हैं।
बरसात के दिनों में जलभराव और गंदगी फैलाने के लिए शहर में संचालित पशु बाड़े भी जिम्मेदार है। बाड़ों का गोबर नाले नालियों और सीवर लाइन मे ंसीधे बहाये जाने के कारण जहां सीवर लाइनें चोक हो रही हैं वहीं दूसरी ओर सड़कों पर गंदगी फैल रही हैं। पशु कलयाण अधिकारी डाक्टर अजय सिंह के अनुसार वर्तमान में शहर में छह सौ से अधिक पशु बाड़े है। जिनमें हजारों की संख्या में पशु पाले जाते हैं। आवारा जानवरों के साथ साथ नगर निगम अवैध रुप से संचालित पशु बाड़ों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई कर रहा है। जुर्माना लगाने के साथ ही नोटिस और मुकदमे की कार्रवाई की जा रही है। इसके बावजूद समस्या पर पूरी तरह से काबू नहीं किया जा सका है। नगर निगम की ओर से गोबर कलैक्शन के लिए आधा दर्जन से अधिक वाहन लगा रखे हैं लेकिन पशु पालक उन्हें गोबर न देकर बाड़ों में ही रखकर गंदगी फैला रहे हैं। इससे मच्छर मक्खी पनप रहे है जो संचारी रोगों के कारक हैं।
–दस लाख से अधिक जुर्माना वसूला गया अब तक–
पशु बाड़ों के खिलाफ चलाये जा रहे अभियान के तहत इस साल ही अब तक 10.87 लाख रुपये जुमाने के रुप में वसूले जा चुके हैं। जबकि यही राशि पिछले साल 53.31 लाख रुपये थी। 33 बाड़ा संचालकों के खिलाफ मुकदमे की संस्तुति की जा चुकी है।
–एनजीटी के अनुसार शहर में संचालित नहीं हो सकते पशु बाड़े—
एनजीटी के अनुसार शहरी सीमा में पशु बाड़ों का संचालन अवैध है। शहर में पशु बाड़ांे के संचालन पर कई बार एनजीटी की बैठक में आपत्ति भी जताई जा चुकी है। पिछले दिनों कमिश्नर की बैठक में ये मामला उठा था। इसके अलावा खुले में घूमने वाले पशुओं पर जुर्माना दो गुना करने के निर्देश दिये गये थे। हालांकि ताजगंज के बुढ़ाना में एडीए द्वारा कैटल कालोनी बनाई गई है परंतु वहां जमीनों के रेट अधिक होने के चलते पशु पालक नहीं जा रहे हैं।
–सदन से तय है जुर्माने की राशि–
पशु कल्याण अधिकारी अजय सिंह के अनुसार नगर निगम सदन से पशुओं के लिए जुर्माना राशि तय की जा चुकी है। गाय पर बाइस 22 सौ रुपये इसमें दो सौ रुपये प्रतिदिन की खुराक भी षामिल है के अलावा भैंस पर 11 हजार रुपये प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना जिसमें 3 हजार रुपये उसकी खुराक के षामिल हैं लगाया जा सकता है।
वर्जन–
शहर में पशु बाड़े का संचालन अवैध है। पशुओं का गोबर नाले नालियों और सीवर में बहाये जाने से जलभराव और गंदगी की समस्या उत्पन्न करने वालों पर सख्त कार्रवाई तय है।
अंकित खंडेलवाल
नगर आयुक्त नगर निगम