
देव नगर, मुरलीपुरा (जयपुर) में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का बुधवार को अत्यंत श्रद्धा, भक्ति एवं उल्लासपूर्ण हुआ, इस भव्य धार्मिक आयोजन में पूज्या पं. गरिमा किशोरी ने अपने ओजस्वी एवं भावपूर्ण प्रवचनों के माध्यम से चारों वेद, पुराण, श्रीमद्भगवद्गीता एवं श्रीमद्भागवत महापुराण के दिव्य रहस्यों की सरल एवं सारगर्भित व्याख्या की, जिसे सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।
कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण के वात्सल्य प्रेम, असीम करुणा तथा उनकी अलौकिक लीलाओं का सजीव वर्णन करते हुए वर्तमान समाज में व्याप्त अत्याचार, अनाचार, कटुता एवं व्यभिचार जैसी कुरीतियों से मुक्ति पाकर एक सशक्त एवं संस्कारित समाज निर्माण का संदेश दिया गया, विशेष रूप से युवाओं को धर्म, संस्कार एवं सद्मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया गया, संगीतमयी भागवत कथा का श्रद्धालुओं ने आनंदपूर्वक श्रवण किया।
सुदामा चरित्र का मार्मिक प्रसंग प्रस्तुत करते हुए पूज्या गरिमा किशोरी जी ने कहा कि “यदि निष्काम प्रेम और सच्ची मित्रता की अनुपम मिसाल देखनी हो तो वह भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा जी के जीवन में दिखाई देती है। इसके पश्चात फूलों की होली का भव्य आयोजन हुआ, जिसमें सभी भक्तों ने श्रद्धा एवं उल्लास के साथ सहभागिता निभाई। इस संपूर्ण आयोजन को सफल बनाने में समाजसेवी श्याम भोजवानी की सक्रिय भूमिका एवं सेवा भावना सराहनीय रही, जिनके सहयोग से कथा स्थल पर व्यवस्थाएँ सुचारू रूप से संचालित हो सकीं, वहीं इस सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के आयोजन की प्रेरणा प्रदान करने हेतु दिलीप कुमार जेठवानी एवं प्रकाश कुमार जेठवानी परिवार के प्रति आयोजकों एवं श्रद्धालुओं ने हृदय से आभार एवं धन्यवाद व्यक्त किया।
कथा में आसपास के क्षेत्रों सहित दूर-दराज से बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष श्रद्धालु उपस्थित रहे, सातों दिनों तक संपूर्ण वातावरण भक्तिरस से सराबोर बना रहा।
इस अवसर पर प्रदीप जेठवानी,भरत, हेमा, ज्योति, नीलम, जया, वर्षा, लता, अर्पिता, आशा, पुष्प, सावित्री, ममता, लीना, वीणा, दीपा, भारती, उषा, खुशबू, राहुल, जीतू, योगेश, शेखर, जयकिशन, विजय, संजय, कपिल, नितिन सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।


