आगरा, 1 दिसंबर। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के दिशानिर्देश पर, जनपद न्यायाधीश श्री विवेक संगल के मार्गदर्शन में आज विश्व एड्स दिवस के उपलक्ष्य में जिला कारागार आगरा में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में जिला कारागार आगरा के अधीक्षक हरिओम शर्मा, जेलर बीके सिंह, एलएडीसी के अधिवक्तागण , जिला कारागार आगरा के चिकित्सक उदय रावल उपस्थित रहे। चिकित्सा उदय रावल के द्वारा यह बताया गया कि यह बीमारी छुआछूत से नहीं होती है यह बीमारी एक दूसरे पर प्रयोग में लाई गई सिरिंज या किसी भी प्रकार से खून का आदान-प्रदान होने से होता है एचआईवी एड्स पीड़ित व्यक्ति को कभी भी हताश नहीं होना चाहिए सदैव खुश व चिंता मुक्त रहना चाहिए। शिविर में एड्स से ग्रसित बंदी दलजीत सिंह ने अपने जीवन के बारे में विस्तार से बताया की कैसे मुझे एड्स हुआ। शिविर में लीगल एडडिफेंस काउंसलिंग सिस्टम के असिस्टेंट श्री मृणाल ने आर्टिकल 21 के विषय पर विस्तार से जानकारी दी। और यह बताया कि आर्टिकल 21 के अंतर्गत किसी भी रोग से ग्राशित प्रत्येक व्यक्ति को निशुल्क उपचार मिलना भी मूल अधिकार है। अंत में शिविर की अध्यक्षता करते हुए डॉक्टर दिव्यानंद द्विवेदी,अपर जिला जज/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण आगरा के द्वारा शिविर में उपस्थित एड्स से पीड़ित लोगों की समस्याओं को सुना तथा उनको योगा करने निश्चित डाइट एवं आहार लेना तथा अपने आसपास बैरक में रहने वाले व्यक्तियों को भी जागरूक करने, बाहर निकालकर के भी लोगों को जागरूक करने तथा इससे बचाने के लिए सतर्कता के नियम बताए जाने अन्य सभी बिंदुओं पर एड्स व्यक्तियों को जानकारी प्रदान की गई।अंत में शिविर का समापन अधीक्षक हरिओम शर्मा के द्वारा धन्यवाद व्यापित कर किया गया शिविर का समापन सौहार्दपूर्ण रहा।
इसके अतिरिक्त डॉक्टर दिब्यानंद द्विवेदी, अपर जिला जज/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, आगरा के द्वारा समस्त प्रिंट मीडिया एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से यह कहा गया कि दिनांक 9 दिसंबर 2023 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत का प्रचार प्रसार किये जाने का आग्रह किया गया।


