—–1000 से 10,000 रुपये तक तय हुआ नामांतरण शुल्क, 7 मार्च से लागू की गई नई दरें
—- शासन के प्रस्ताव पर नहीं आई कोई आपत्ति, सरकारी गजट में कराया गया प्रकाशन
आगरा। नगर निगम द्वारा भवनों के नामांतरण (म्यूटेशन) शुल्क को लेकर नई दरों को अंतिम स्वीकृति देते हुए, इन्हें सात मार्च से लागू कर दिया गया है। शासन के निर्देशों के अनुपालन में तैयार प्रस्ताव को नगर निगम सदन ने सर्वसम्मति से पारित कर दिया है। खास बात यह रही कि प्रस्तावित दरों पर आम जनता से मांगी गई आपत्तियों और सुझावों की निर्धारित अवधि में एक भी आपत्ति प्राप्त नहीं हुई, जिसके बाद इन दरों को यथावत लागू करने का निर्णय लिया गया।
शासन ने उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम 1959 की धारा 541 के तहत नामांतरण शुल्क निर्धारण का प्रस्ताव तैयार किया गया था। इस प्रस्ताव को 29 नवंबर 2025 को नगर निगम सदन के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जिसे सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। इसके बाद पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रस्तावित दरों को 3 दिसंबर 2025 को प्रमुख समाचार पत्रों में प्रकाशित कराते हुए आम जनता से 30 दिनों के भीतर आपत्ति एवं सुझाव आमंत्रित किए गए थे, जिसकी अंतिम तिथि 1 जनवरी 2026 निर्धारित थी। निर्धारित समयावधि में कोई भी आपत्ति या सुझाव प्राप्त नहीं होने के कारण ,नगर निगम ने इन दरों को अंतिम रूप दे दिया। इस संबंध में जानकारी देते हुए नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने बताया कि अब सभी नामांतरण संबंधी शुल्क नई दरों से ही लागू होंगे।
—–ये हैं नामांतरण शुल्क की प्रमुख दरें—-
1. उत्तराधिकार/वसीयत/हिब्बा आधारित नामांतरण (क्षेत्रफल के अनुसार):
—-1000 वर्गफीट तक: 1000 रुपये
—1001 से 2000 वर्गफीट तक: 2000 रुपये
—- 2001 से 3000 वर्गफीट तक: 3000 रुपये
—– 3001 वर्गफीट से अधिक: 5000 रुपये
2. विक्रय विलेख (रजिस्ट्री) के आधार पर नामांतरण शुल्क
—– 5 लाख रुपये तक: 1000 रुपये
——5 लाख से 10 लाख रुपये तक: 2000 रुपये
—–10 लाख से 20 लाख रुपये तक: 3000 रुपये
—— 20 लाख रुपये से अधिक: 5000 रुपये
—–50 लाख रुपये से अधिक मूल्य पर: 10,000 रुपये
उपरोक्त के अलावा विलंब शुल्क: 200 रुपये प्रति वर्ष और पंजीकरण शुल्क: 500 रुपये लिया जाएगा।
नगर निगम प्रशासन के अनुसार, ये सभी दरें सरकारी गजट में प्रकाशन की तिथि से प्रभावी मानी जाएंगी। नगर आयुक्त ने आम नागरिकों से अपील की है कि भवनों के नामांतरण से संबंधित आवेदन निर्धारित शुल्क के अनुसार समय पर कराएं, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।


