आगरा। नगर निगम द्वारा पालतू पशु पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू करने के बावजूद लोगों द्वारा अपने पालतू जानवरों का रजिस्ट्रेशन नहीं कराया जा रहा है। इसको लेकर नगर निगम अब सख्त कदम उठाने जा रहा है। शहरी सीमा में पाले जा रहे हैं देसी विदेशी नस्ल के बगैर पंजीकृत कुत्तों को अब नगर निगम जब्त करने की कार्रवाई करेगा।
आगरा को डॉग फ्रेंडली बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए नगर निगम ने पालतू पशु पंजीकरण प्रक्रिया को आसान बनाते हुए मेरा आगरा ऐप पर ऑनलाइन पालतू पशु पंजीकरण सेवा शुरू की है। पालतू पशु मालिकों को अब नगर निगम कार्यालय आने की जरूरत नहीं है बल्कि भी अपने मोबाइल से ही पालतू पशुओं का पंजीकरण कर सकते हैं। नगर निगम की यह पहल आगरा को’डॉग-फ्रेंडली सिटी’ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इसके बावजूद लोगों द्वारा अपने पालतू पशु खासकर कुत्तों का रजिस्ट्रेशन नहीं कराया जा रहा है। अगर आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो वर्तमान वित्तीय वर्ष के पहले महीने अप्रैल में 123 और मई में 27 लोगों ने अपने कुत्तों का रजिस्ट्रेशन नगर निगम में कराया है जिससे नगर निगम को 59000 की आय हुई है। जबकि शहर में पालतू कुत्तों की संख्या की संख्या 50000 से भी अधिक है।
—–पंजीकरण शुल्क एवं प्रक्रिया—-
नगर निगम द्वारा विदेशी नस्ल के कुत्तों के लिए ₹500 और देसी कुत्ते, बिल्ली और खरगोश के लिए ₹100 का रजिस्ट्रेशन शुल्क रखा गया है। 1 अप्रैल 2025 के बाद आवेदन करने पर ₹5 प्रतिदिन विलंब शुल्क देना होगा।
पशु कल्याण अधिकारी डॉक्टर अजय कुमार सिंह ने यह जानकारी देते हुए कहा कि शहर में पालतू पशुओं का पंजीकरण आवश्यक है ताकि उनके स्वास्थ्य, टीकाकरण और देखभाल की निगरानी की जा सके। यह योजना सिर्फ पालतू जानवरों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि स्ट्रीट डॉग्स और अन्य पशुओं के कल्याण को भी बढ़ावा देगी। पंजीकरण करने से नगर निगम के पास पालतू पशुओं की जहां पूरा रिकार्ड होगा वहीं उनके टीकाकरण और देखभाल की निगरानी भी संभव होगी।


