—–हॉस्पिटल, वेस्ट प्लांट से लेकर हेल्थ क्लिनिक व पार्किंग के लिए किया जाएगा प्रयोग
—– शहर के विभिन्न स्थानों पर 1 लाख वर्ग मीटर से अधिक भूमि चिन्हित की गई
आगरा। नगर निगम आगरा शहर में पड़ी खाली और अनुपयोगी सरकारी जमीनों का अब बेहतर उपयोग करने की दिशा में तेजी से कदम उठा रहा है। नगर निगम द्वारा इन स्थानों पर हॉस्पिटल, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट, वाहन स्टोर, दुकान निर्माण, भंडारण स्टोर और हरित उद्यान जैसे सार्वजनिक हित के प्रोजेक्ट शुरू किए जाएंगे। इस कार्य के लिए नगर निगम ने शहर के अलग-अलग इलाकों में फैली भूमि को चिह्नित कर लिया है, जिसका कुल क्षेत्रफल 1,01,923 वर्ग मीटर बताया गया है।
—–इन स्थानों पर चिह्नित की गई है भूमि—-
नगर निगम द्वारा शहर के सिकंदरा ककरेठा,कलाल खेरिया, बाबरपुर मुसतकिल,बसई काशीराम आवास के पास धोबी घाट,जगनपुर मुस्तकीम और आवास विकास कालोनी क्षेत्र। सहायक नगर आयुक्त अशोक प्रिय गौतम के अनुसार इन सभी स्थानों पर जमीन हदबंदी की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और जल्द ही निर्माण कार्य भी आरंभ कराया जाएगा।
—इन परियोजनाओं पर भी विचार—-
नगर निगम द्वारा खाली जमीनों का इस्तेमाल केवल स्टोर और वेस्ट प्लांट तक सीमित नहीं रहेगा। आने वाले समय में इन भूमि क्षेत्रों का उपयोग
पर्यावरण के अनुकूल सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए ई व्हीकल चार्जिंग स्टेशन , ट्रैफिक बोझ कम करने हेतु व्यस्त क्षेत्रों में मल्टी लेवल पार्किंग स्पेस, कम आबादी वाले क्षेत्रों में प्राथमिक चिकित्सा सेवाएं देने के लिए अर्बन हेल्थ क्लिनिक, सामाजिक और मनोरंजन गतिविधियों के लिए के लिए सीनियर सिटीजन और युवा क्लब,कचरा छंटाई और री सायक्लिंग यूनिट ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के तहत, स्वच्छ और हरित ऊर्जा के लिए बायोगैस और सौर ऊर्जा प्लांट,जरूरतमंदों के लिए अस्थायी निवास व्यवस्था के लिए कम्युनिटी हॉल और शेल्टर होम,महिलाओं को स्वरोजगार और प्रशिक्षण देने के लिए महिला सशक्तिकरण केंद्र,
स्थानीय निवासियों के स्वास्थ्य और मनोरंजन के लिए हरित उद्यान ओपन जिम और खेल के मैदान के लिए प्रयोग में लाए जाने की योजना है।
—–नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल का कहना है कि”नगर निगम का उद्देश्य है कि शहर में उपलब्ध हर संसाधन का जनहित में सर्वोत्तम उपयोग किया जाए। खाली पड़ी भूमि को अब योजनाबद्ध तरीके से चिन्हित कर, वहां जनसुविधाओं से जुड़े प्रोजेक्ट शुरू किए जाएंगे। सभी सिविल अभियंताओं को निर्देश दे दिए गए हैं कि वे तत्काल इस प्रकार की भूमि को फेंसिंग कर सुरक्षित करें और निर्माण की कार्ययोजना जल्द तैयार करें। यह पहल शहर को स्मार्ट बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम है। यह अभियान न केवल शहरी विकास और नागरिक सुविधाओ को बढ़ावा देगा, बल्कि सफाई, ट्रैफिक प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भी सकारात्मक योगदान देगा।


