आगरा, 19 मई। स्वच्छ भारत मिशन के तहत नगर निगम द्वारा शहर के विभिन्न स्थानों पर बनाये गये सामुदायिक शौचालयों का रखरखाव ठीक प्रकार से नहीं किया जा रहा है। नगरायुक्त अंकित खंडेलवाल ने स्वयं निरीक्षण कर तमाम कमियां पकड़ी थी। इस पर सख्त कार्रवाई करते हुए उन्होंने इन्हें संचालित करने वाली संस्था पर 13 लाख उनतालिस हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। महानगर मेें सामुदायिक शौचालयों का संचालन दिल्ली की कंपनी मैसर्स एक्मे एक्सेलेंट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड करती है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए नगर आयुक्त ने बताया कि नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत 133 नग सामुदायिक शौचालय हैं। इनका रखरखाव मैसर्स एक्मे एक्सेलेंट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड करती है। नगर निगम इस संस्था को प्रति सीट के हिसाब से करीब 1335 रुपये का भुगतान करती है। समय समय पर निगम के अधिकारी सामुदायिक शौचालयों का निरीक्षण करते रहते हैं। पिछले माह निरीक्षण के दौरान शौचालयों में तमाम कमियां पाईं गयीं थीं। कहीं पर टाइल्स टूटे हुए थे तो कहीं नलों की टोटियां गायब थीं। कुछ शौचालयों हाथ धोने के लिए साबुन और सफाई के लिए हार्पिक आदि नहीं था। इसी प्रकार कुछ जगह पर बल्ब खराब होने के कारण प्रकाश की समुचित व्यवस्था नहीं थी। जांच टीम ने इसकी रिपोर्ट सहायक नगर आयुक्त अशोक प्रिय गौतम को भेजी थी। उन्होंने संस्था पर जुर्माना आरोपित कर रिपोर्ट नगरायुक्त अंकित खंडेलवाल को भेज दी थी। इसके बाद नगर आयुक्त ने स्वयं सामुदायिक शौचालय का निरीक्षण किया था। निरीक्षण में उन्हें भी कई स्थानों पर तमाम कमियां मिली थी।
तीन वर्ष पूर्व कंपनी को हैंडओवर हुए थे शौचालयः लगभग तीन साल पूर्व नगर निगम ने इस संस्था को सामुदायिक शौचालयों के रखरखाव का जिम्मा सौंपा था। इससे पूर्व ज्योति विकास संस्था,एमएस सर्विसेज,और ग्राम विकस संस्था इनका रखरखाव करती थीं। निगम की ओर से इन संस्थाओं को प्रति सीट आठ हजार रुपये के हिसाब से भुगतान किया जाता था। यहां आने वाले बिल और समरसोविल के खराब होने पर ठीक कराने पर आने वाले व्यय का भुगतान भी नगर को ही करना होता था। इसके अलावा छोटी मोटी मरम्मत का काम भी नगर निगम को कराना होता था। जबकि वर्तमान संस्था को निगम की ओर से सीट के हिसाब से एक मुष्त भुगतान किया जा रहा है। इन संस्थाओं द्वारा सामुदायिक शौचालयों के रखरखाव में बरती जा रही लापरवाही के कारण ही हटाया गया था।
पांच साल के लिए दिया गया है ठेकाः नगर निगम की ओर से मैसर्स एक्मे एक्सेलेंट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड को सामुदायिक शौचालयों के रखरखाव के लिए पांच साल के लिए ठेका दिया है। 2021 में संस्था को सामुदयिक शौचालय हैंडओवर किए गये थे।


