आगरा । मंडल रेल प्रबंधक गगन गोयल के मार्गदर्शन में गोवर्धन कक्ष में 17 सितंबर को मुख्य लोको निरीक्षकों की मासिक बैठक का आयोजन किया गया, इस बैठक में वरिष्ठ मंडल विद्युत अभियंता (ऑपरेशन) पवन कुमार जयंत एवं सहायक मंडल विद्युत अभियंता (ऑपरेशन) आगरा जी.सी. पाल सहित कुल 41 मुख्य लोको निरीक्षक उपस्थित रहे।
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य रनिंग स्टाफ, विशेषकर लोको पायलट्स एवं असिस्टेंट लोको पायलट्स के कार्य व्यवहार, सुरक्षा मानकों एवं संचालन शैली में सुधार लाना और रेल संचालन को और अधिक सुरक्षित तथा विश्वसनीय बनाना था। बैठक में एसपीएडी मामलों पर गहन चर्चा की गई | मुख्य लोको निरीक्षक मूवमेंट से संबंधित विभिन्न पैरामीटर्स जैसे एम्बुश चेक, सीएमएस (क्रू मैनेजमेंट सिस्टम) में दर्ज क्रू संबंधी असामान्यताएँ एवं सुरक्षा खंडवार असामान्यताओं की समीक्षा की गई। इन बिंदुओं पर मुख्य लोको निरीक्षकों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए ताकि वे रनिंग स्टाफ की निगरानी एवं मार्गदर्शन को और अधिक प्रभावी बना सकें।
साथ ही लोको पायलट्स के ड्राइविंग कौशल में सुधार करने तथा उन्हें सुरक्षित ट्रेन संचालन हेतु और अधिक जागरूक एवं संवेदनशील बनाने पर बल दिया गया। शंटिंग नियमों के पालन पर विशेष जोर दिया गया तथा बेहतर उपयोगिता हेतु ड्यूल लोको पायलट्स प्रणाली की आवश्यकता और महत्व पर भी विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के अंत में वरिष्ठ मंडल विद्युत अभियंता (ऑपरेशन) आगरा ने सभी मुख्य लोको निरीक्षको को प्रेरित किया कि वे क्रू की गुणवत्तापूर्ण एवं प्रभावी काउंसलिंग एवं मॉनिटरिंग करें जिससे प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ एवं सशक्त बनाया जा सके।
यह बैठक न केवल सुरक्षा विषयों पर केंद्रित रही, बल्कि इसमें लोको पायलट्स एवं मुख्य लोको निरीक्षको के बीच साझा संवाद, अनुभवों का आदान-प्रदान, पारदर्शिता एवं टीम भावना को भी प्रोत्साहित किया गया। इस प्रकार बैठक ने रेलवे सुरक्षा एवं संचालन सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध किया।
