

—–सड़क हादसे रोकने के लिए आवारा श्वानों को पहनाए जा रहे रिफ्लेक्टर कॉलर
——नगर आयुक्त की पहल पर शहर में दिया जा रहा अनोखी योजना को अंजाम
आगरा, 16 फरवरी। कालू और भूरा जैसे श्वान अब सड़क हादसे का कारण नहीं बनेंगे। आवारा कुत्तों की वजह से होने वाली सड़क हादसों को रोकने के लिए नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल के निर्देशन में नगर निगम ने एक अनूठी योजना शुरू की है।
वाहन चालकों व आवारा श्वानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नगर निगम ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए शहर भर में आवारा श्वानों को रिफ्लेक्टर नेक कॉलर पहनाने का अभियान शुरु किया है। इस कालर को पहनने के बाद आवारा कुत्ते रात के अंधेरे में दूर से ही वाहन चालक को नजर आ सकेंगे ।
रात के समय अक्सर वाहन चालक अचानक सड़क पर आए कुत्तों को देख नहीं पाते, जिससे न केवल कुत्तों की जान खतरे में पड़ती है बल्कि कई बार वाहन चालक संतुलन खोकर खुद भी दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं। इस पहल से वाहन चालक दूर से ही कुत्तों को देख सकेंगे और समय रहते अपनी गाड़ी नियंत्रित कर हादसे से बच पाएंगे।
इस संबंध में जानकारी देते हुए पशु कल्याण अधिकारी डॉक्टर अजय कुमार सिंह ने बताया कि कई बार वाहन चालक अचानक सड़क पर आए और सोये हुए कुत्तों को बचाने के प्रयास में अपना संतुलन खो देते हैं और गाड़ी पलटने या अन्य वाहनों से टकराने जैसी दुर्घटनाएं हो जाती हैं। रिफ्लेक्टर कॉलर से यह समस्या काफी हद तक कम हो जाएगी, क्योंकि रात में श्वान स्पष्ट रूप से दिखेंगे और वाहन चालक पहले से सतर्क हो जाएंगे। हमारा उद्देश्य है कि अधिक से अधिक कुत्तों को इससे सुरक्षित किया जाए।
——योजना को अमली जामा पहनाने को बनाई गई टीमें ——
योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए नगर निगम कर्मियों की टीमें बनाई गई हैं जो विभिन्न इलाकों में जाकर आवारा श्वानों को सुरक्षित पकड़कर उन्हें रिफ्लेक्टर कॉलर पहनाने के बाद वापस छोड़ रही हैं। इस अभियान के तहत अब तक सैकड़ों कुत्तों को सुरक्षित किया जा चुका है और इसे और भी बड़े स्तर पर चलाने की योजना बनाई जा रही है।
वर्जन ——-
यह पहल न केवल आवारा श्वानों की जान बचाएगी बल्कि सड़क पर चलने वाले वाहन चालकों को भी सुरक्षित रखेगी, जिससे शहर में सड़क दुर्घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है।
अंकित खंडेलवाल
नगर आयुक्त नगर निगम


