
आगरा। ताज नगरी क्षेत्र स्थित पार्श्वनाथ पंचवटी कॉलोनी में बसंत पंचमी की पावन सुबह पंचवटी परिवार द्वारा मानव सेवा का एक अनुकरणीय एवं सराहनीय उदाहरण प्रस्तुत किया गया। इस शुभ अवसर पर रामलाल वृद्धाश्रम एवं गौशाला के लिए धनराशि एवं गृह उपयोगी सामग्री दान हेतु एक सेवा शिविर का आयोजन किया गया।
यह सेवा शिविर बसंत पंचमी के पावन पर्व पर पंचवटी योग केन्द्र में प्रातः 12 बजे से सायं 4 बजे तक आयोजित किया गया। जिसमें कॉलोनीवासियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई।शिविर के माध्यम से एकत्रित धनराशि एवं सामग्री को वृद्धाश्रम में निवासरत बुजुर्गों तथा गौशाला की सेवा हेतु समर्पित किया गया।
पंचवटी परिवार की विशेष रिक्वेस्ट पर रामलाल वैद्य वृद्धाश्रम के शिव प्रसाद शर्मा ने इस शिविर के लिए अपनी टीम भेजकर सेवा शिविर की व्यवस्था कराई, पंचवटी परिवार के सभी सदस्यों ने शिव प्रसाद शर्मा का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके सहयोग से यह सेवा कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।
इस अवसर पर समाजसेवी श्याम भोजवानी एवं उपेंद्र सिंह ने एक महत्वपूर्ण संदेश देते हुए कहा कि आगरा शहर में आए दिन जाम की स्थिति बनी रहती है, ऐसे में यदि लोग वृद्धाश्रम तक स्वयं नहीं पहुँच पाते, तो भी दान-पुण्य एवं सेवा कार्यों से वंचित न रहें, उन्होंने बताया कि यदि कोई भी नागरिक रामलाल वृद्ध आश्रम से संपर्क करता है, तो आश्रम की ओर से स्वयं टीम भेजकर सेवा शिविर का आयोजन कराया जा सकता है।
पंचवटी परिवार के सदस्यों ने बताया कि इस प्रकार के सेवा कार्य समाज में करुणा, सहयोग और मानवीय संवेदनाओं को सुदृढ़ करते हैं। बसंत पंचमी जैसे पावन पर्व पर किया गया यह सेवा कार्य सभी के लिए प्रेरणास्रोत बना। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी जनों ने भविष्य में भी इसी प्रकार मिल-जुलकर सामाजिक एवं मानव सेवा के कार्य निरंतर करते रहने का संकल्प लिया। इस अवसर पर मुख्य रूप से उपेंद्र सिंह,संरक्षक श्याम भोजवानी, सैक्ट्री सुशील आहूजा, जसवंत पसरीचा, गजराज सिंह यादव, गंभीर सिंह, सुरेंद्र सिंह छाबरा, प्रगेश शर्मा सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
बसंत पंचमी भारत का एक महत्वपूर्ण पर्व है, जो वसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक है। यह दिन ज्ञान, बुद्धि और कला की देवी माँ सरस्वती को समर्पित होता है। विद्यालयों में सरस्वती वंदना का आयोजन किया जाता है। इस अवसर पर लोग पीले वस्त्र पहनते हैं और पीले रंग के व्यंजन बनाते हैं। यह पर्व जीवन में नई ऊर्जा, उत्साह और सकारात्मक सोच का संदेश देता है,हम सभी को अपने सारे त्यौहार परिवार साथ मनाने चाहिए,जिससे हमारी संस्कृति व संस्कार बरकरार रहेंगे। यह जानकारी दयाल बाग के आलिया जोटवानी ने दी।
