
आगरा। नगर निगम द्वारा शहर को स्वच्छ और स्वस्थ बनाए रखने के उद्देश्य से लगातार जनजागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। इसी क्रम में छत्ता जोन के वार्ड संख्या-1 अंतर्गत रावली क्षेत्र में डोर-टू-डोर स्वच्छता जागरूकता अभियान चलाया गया। इस दौरान निगम की टीम द्वारा घर-घर जाकर रहवासियों को स्वच्छता के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। नगर निगम टीम ने नागरिकों को चार प्रकार के सोर्स सेग्रीगेशन यानी कूड़े को अलग-अलग रखने की प्रक्रिया को सरल भाषा में समझाया।
टीम ने बताया कि गीला कूड़ा (जैसे भोजन के अवशेष, सब्ज़ी-फल के छिलके),सूखा कूड़ा (प्लास्टिक, कागज, धातु आदि),जैव अपशिष्ट कूड़ा,घरेलू हानिकारक कूड़ा (बैटरी, बल्ब, दवाइयाँ, केमिकल आदि) को अलग-अलग रखने से कचरे का सही निस्तारण संभव होता है और पर्यावरण सुरक्षित रहता है। टीम ने लोगों को यह भी समझाया कि सार्वजनिक स्थानों, सड़कों, घर के बाहर या बस्तियों में कूड़ा फेंकने से पर्यावरण प्रदूषित होता है, जिससे मच्छर, मक्खी और अन्य रोग फैलाने वाले कीट पनपते हैं और डेंगू, मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। अभियान के दौरान नागरिकों से अपील की गई कि वे कूड़े को निर्धारित स्थान पर ही डालें, नगर निगम द्वारा दी गई व्यवस्था का सहयोग करें और अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाएं। नगर निगम अधिकारियों ने कहा कि जनसहयोग से ही स्वच्छ आगरा के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।
