आगरा। गुरुद्वारा दशम पातशाह शाहगंज पर नववर्ष के शुभ आगमन दशमेश पिता श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के पावन प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में श्रद्धा और उल्लास से परिपूर्ण भव्य कीर्तन दरबार का सजा इस अवसर पर संगत ने धन धन गुरु ग्रन्थ साहिब जी की पावन हजूरी मे प्रेम भावना के साथ गुरुवाणी का रसपान कर आत्मिक आनंद की अनुभूति की।
पवित्र तपो भूमि श्री हेमकुंड साहिब हजूरी रागी भाई हरप्रीत सिंह जत्थे द्वारा अमृतमयी गुरुवाणी कीर्तन द्वारा संगत को निहाल किया,शब्द। दर्शन देख जीवां गुर तेरा,,,, गुर जैसा नाही को देव,,, वडे मेरे साहिबा वडी तेरी वाडियाई,,, सो सतगुर प्यारा मेरे नाल है,,, उनके द्वारा उच्चारित अमूल्य वचनों एवं गुरुवाणी की अमृतवर्षा से संपूर्ण वातावरण भक्तिरस में सराबोर हो गया, संगतो ने श्रद्धा भाव से कीर्तन का आनंद लिया।
कीर्तन दरबार के दौरान गुरु साहिब के जीवन, त्याग और शौर्य का स्मरण करते हुए नववर्ष को गुरु की शिक्षाओं पर चलने का संकल्प लिया गया, कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही और सभी ने गुरु कृपा से आत्मिक शांति एवं नवचेतना का अनुभव किया। ज्ञानी अजीत सिंह द्वारा सभी देश कोम के लिए गुरु महाराज के आगे सरबत के भले की अरदास हुकुमनामा अपरान्त गुरु का अटूट लंगर पाकर धन गुरु नानक देव महाराज जी का शुकराना किया।
सेवा में प्रधान बॉबी आनंद, गुरु सेवक श्याम भोजवानी, मोहन गनवानी, मोहनलाल अजय अरोड़ा गुरमीत सिंह, लव पोपली, वर्षा करमचंदानी, काजल वाधवानी,रोशनी कुकरेजा, रिंकू गुलाटी, संजय सेठ, पवन गनवानी,लखन बनवारी आदि रहे।


